हिमाचल में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर पर संकट: होटल-रेस्टोरेंट में कामकाज ठप, व्यापारियों की बढ़ी टेंशन
हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक सिलेंडरों की कमी से पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं। होटल, रेस्तरां और उद्योगों में कामकाज बाधित हो रहा है ...और पढ़ें

व्यावसायिक सिलेंडरों की कमी से पर्यटन और उद्योग प्रभावित (फाइल फोटो)
HighLights
व्यावसायिक सिलेंडरों की कमी से पर्यटन और उद्योग प्रभावित
होटल, रेस्तरां में कामकाज बाधित, कर्मचारियों की चिंता
सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और आपूर्ति सुधार की मांग
जागरण संवाददाता, सोलन। हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक सिलेंडरों की कमी का असर पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्र पर पड़ने लगा है। गैस की किल्लत के कारण होटल, रेस्तरां और उद्योगों में कामकाज प्रभावित हो रहा है।
कसौली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र चोपड़ा ने कहा कि यदि जल्द गैस की नियमित आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो खाना भी मुश्किल होगा। हिमाचल प्रदेश होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंद्र सेठी ने कहा कि प्रदेश में लगभग 12 हजार होटल, रेस्तरां और होम स्टे संचालित हो रहे हैं। इनमें करीब 25 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। गैस की कमी का असर इन कर्मचारियों की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ सकता है।
वर्तमान में शादी-विवाह का सीजन भी चल रहा है और कई कार्यक्रम पहले से तय हैं। ऐसे में गैस की कमी से व्यवस्थाएं प्रभावित होने की आशंका है। हिमाचल प्रदेश होटल एसोसिएशन ने डायरेक्टर टूरिज्म को पत्र लिखकर जल्द समस्या के समाधान की मांग की है। संचालकों ने मांग की है कि अस्थायी तौर पर होटल और रेस्तरां को घरेलू सिलेंडर के उपयोग की अनुमति दी जाए।
व्यावसायिक सिलिंडरों की कमी का असर औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ में भी देखने को मिल रहा है। यहां विभिन्न उद्योगों में रोजाना लगभग 50 टन से अधिक व्यावसायिक सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जाता है। गैस की आपूर्ति बाधित होने से कई उद्योगों में उत्पादन प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है।
प्रदेश गत्ता उद्योग के संरक्षक सुरेंद्र जैन ने कहा कि बीबीएन क्षेत्र के सैकड़ों उद्योग इस समस्या से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर राहत प्रदान करने की मांग की है।