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    हिमाचल चेस्टर हिल विवाद: कंपनी कर्मी के नाम पर खरीदी 150 बीघा बेनामी जमीन, मनी लांड्रिंग का भी मामला; इन पर कार्रवाई तय

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Tue, 21 Apr 2026 12:49 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश के सोलन में चेस्टर हिल मामले में एक कंपनी कर्मचारी के नाम पर 150 बीघा बेनामी जमीन खरीदने का खुलासा हुआ है। यह मामला मनी लांड्रिंग से जुड ...और पढ़ें

    सोलन में चेस्टर हिल में बन रहे फ्लैट। जागरण आर्काइव

    सोलन में चेस्टर हिल में बन रहे फ्लैट। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. कर्मचारी के नाम पर 150 बीघा बेनामी जमीन खरीदी गई

    2. मामला मनी लांड्रिंग से जुड़ा, अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

    3. चेस्टर हिल परियोजना का पंजीकरण रद्द करने की तैयारी

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में सोलन के बहुचर्चित चेस्टर हिल मामले की जांच में सामने आया है कि कंपनी में काम करने वाले सोलन के स्थानीय व्यक्ति हंसराज ठाकुर के नाम पर 150 बीघा बेनामी जमीन खरीदी गई। यह मामला अब मनी लांड्रिंग से भी जुड़ गया है। इस संदर्भ में कई अधिकारियों, संबंधित आर्किटेक्ट और चार्टर्ड अकाउंटेंट के विरुद्ध भी कार्रवाई हो सकती है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि इस मामले में जो भी अधिकारी या अन्य व्यक्ति शामिल होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

    आय से मेल नहीं खाती 

    जगत सिंह नेगी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि हंसराज, उसकी पत्नी लता ठाकुर और दो बहनों के नाम पर कुल 275 बीघा जमीन खरीदी गई है, जो इनकी आय से मेल नहीं खाती।

    बेनामी संपत्ति का मामला

    जमीन पर वास्तविक नियंत्रण गैर कृषक प्रमोटर्स (एनजी एस्टेट और चेस्टर हिल) का है, जिससे यह बेनामी संपत्ति का मामला बनता है। मनी लांड्रिंग का मामला भी बनता है, क्योंकि इसमें बेनामी संपत्ति के साथ-साथ बेनामी पैसे का भी लेन-देन हो रहा है। जिनके नाम पर जमीन ली गई है, उनके पास इतनी राशि नहीं है।

    उन्होंने विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि 150 बीघा जमीन की कीमत 1500 करोड़ नहीं, बल्कि 300 करोड़ रुपये है।

    मामले की चार स्तर पर चल रही जांच

    मामले की जांच चार स्तर पर चल रही है। जिला समाहर्ता सोलन मामले की जांच कर रहे हैं। नगर एवं ग्राम नियोजन और नगर निगम सोलन नक्शों के संबंध में जांच कर रहे हैं। रेरा भी गड़बड़ियों की जांच कर रहा है। धारा 118 के उल्लंघन की भी जांच की जा रही है। नेगी ने कहा कि उपायुक्त को स्वतंत्र जांच का जिम्मा सौंपा गया है।

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    बाल्दी ने मांगा मुख्यमंत्री से समय

    रेरा के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव श्रीकांत बाल्दी ने सोमवार को शिमला पहुंचकर मुख्यमंत्री कार्यालय में जाकर उनसे मिलने का समय मांगा है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा पारित दो आदेशों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे, जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आते। मुख्य सचिव ने बेवजह उन पर टिप्पणी की थी और रेरा से जवाब मांगा था।

    चेस्टर हिल परियोजना का पंजीकरण रद करने की तैयारी

    चेस्टर हिल-2 और 4 परियोजना के पंजीकरण को रद करने की तैयारी है। इस संबंध में जांच में कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं। हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी धारा 11, 14 और 17 के संभावित उल्लंघन की जांच कर रहा है। इनमें प्रमोटर्स की जिम्मेदारियों, स्वीकृत नक्शों में छेड़छाड़ और बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट कब्जा देने जैसे मुद्दे शामिल हैं। अब तक की रिपोर्ट के आधार पर परियोजनाओं में ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (जेडीए) और भूमि लेनदेन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। नगर निगम सोलन द्वारा स्वीकृत संशोधित नक्शों पर भी सवाल उठाए गए हैं, जिन्हें बिना पूर्व अनुमति के लागू किया गया और कई कमियां सामने आई।

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