हिमाचल में 2027 में होगा SIR, जनगणना के कारण चुनाव आयोग का फैसला
हिमाचल में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) वर्ष 2027 में होगा, क्योंकि जनगणना कार्य जारी है। ...और पढ़ें

HighLights
हिमाचल में मतदाता सूची का SIR वर्ष 2027 में होगा।
जनगणना कार्य जारी होने से SIR प्रक्रिया में देरी।
सर्दियों में हिमपात भी SIR के संचालन में बाधा।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की प्रक्रिया वर्ष 2027 में करवाई जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अखिल भारतीय मीडिया संवाद के दौरान स्पष्ट किया कि हिमाचल में जनगणना का कार्य जारी है।
जनगणना और एसआइआर जैसी दो बड़ी प्रक्रियाओं को एक साथ संचालित करना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि जनगणना पूरी होने के बाद ही एसआइआर पर विचार किया जाएगा।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमापात बनी समस्या
यदि इसे सर्दियों में करवाने की योजना बनाई जाती है तो ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात के कारण कार्य प्रभावित होगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य में मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए चुनावी प्रक्रियाओं की समयसीमा तय की जाती है।
जनगणना और निर्वाचन संबंधी कार्यों में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की तैनाती होती है, इसलिए दोनों प्रक्रियाओं का एक साथ संचालन प्रशासनिक दृष्टि से भी चुनौतीपूर्ण होता है।
कार्यक्रम जारी किया जाएगा
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग राज्यों की परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लेता है। जनगणना कार्य समाप्त होने के बाद हिमाचल में एसआइआर के लिए कार्यक्रम जारी किया जाएगा।