विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हिमाचल में आफत की बारिश: शिमला-कालका रेल ट्रैक क्षतिग्रस्त, 400 यात्री किए रेस्क्यू; सड़क धंसने से ट्रक नाले में गिरा

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Updated: Sun, 30 Aug 2026 06:47 PM (IST)

सोलन जिले में भारी बारिश से परवाणू क्षेत्र में यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और कालका-शिमला रेलमार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। 400 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया।

HighLights

  1. परवाणू में भारी बारिश से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित।

  2. कालका-शिमला रेलमार्ग क्षतिग्रस्त, 400 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया।

  3. सड़क धंसने से ट्रक नाले में गिरा, उद्योगों को भी नुकसान हुआ।

जागरण टीम, परवाणू (सोलन)। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला में भारी बारिश के कारण परवाणू क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। कई स्थानों पर पहाड़ी से मलबा आने, सड़क धंसने और नाले का पानी सड़क पर आने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कालका-शिमला रेलमार्ग भी बाधित हो गया है, इस कारण सभी ट्रेन रद कर दी गई हैं।

400 यात्रियों को 7 वाहनों से सुरक्षित पहुंचाया

शिमला-कालका रेलखंड पर भूस्खलन के बाद रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए तत्काल सड़क परिवहन की व्यवस्था की। रेल अधिकारियों के अनुसार, सोलन, कोटी और धर्मपुर हिमाचल में रोकी गई ट्रेनों के यात्रियों को कालका स्टेशन तक पहुंचाने के लिए कुल सात वाहनों का इस्तेमाल किया गया। इनमें पांच बड़ी बसें और दो टेंपो ट्रैवलर शामिल रहे। रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस व्यवस्था के माध्यम से करीब 400 यात्रियों, 40 ट्रेन क्रू और आइआरसीटीसी कर्मचारियों को सुरक्षित कालका स्टेशन पहुंचाया गया। 

खान-पान की व्यवस्था की

कालका पहुंचने के बाद यात्रियों के लिए खान-पान की भी व्यवस्था की गई। स्टेशन पर 250 भोजन के पैकेट और पानी की बोतलें वितरित की गईं। स्थानीय यात्री इसके बाद अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए।  करीब 120 यात्रियों को ट्रेन संख्या 13052 में समायोजित किया गया। यात्रियों की सुविधा के लिए इस ट्रेन को विशेष रूप से रात 1:30 बजे पुनर्निर्धारित किया गया था।

शिमला हाईवे भी वनवे

डीएसपी परवाणू अनिल शर्मा ने बताया कि सेब मंडी के समीप पहाड़ से मलबा गिरने के कारण शिमला की ओर जाने वाले मार्ग को एकतरफा कर दिया गया है। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए चक्की मोड़ पर भी पुलिस जवान तैनात किए गए हैं, जो मौके पर यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं।

सड़क धंसने से ट्रक नाले में गिरा

वहीं, शिवालिक होटल के समीप सड़क धंसने के कारण एक ट्रक नाले में जा गिरा। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। इस मामले में यह भी सामने आया है कि 27 अगस्त को ही लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को सड़क टूटने की सूचना देकर इसे जल्द ठीक करवाने की मांग की थी। आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद विभाग की ओर से समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद अब सड़क और अधिक धंसने से ट्रक नाले में जा गिरा। हालांकि, इस संबंध में विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है।

नाले का पानी सड़क पर आया

उधर, कैप्टन ढाबे के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने के बाद यातायात को एकतरफा किया गया। इसी क्षेत्र में पहाड़ी का पहरा हटाए जाने के बाद माया होटल, सेक्टर-3 के नजदीक नाले का पानी सड़क पर आ गया, जिससे बड़ी मात्रा में मलबा सड़क पर जमा हो गया। इसके चलते वाहनों की आवाजाही काफी देर तक प्रभावित रही और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

उद्योगों पर भी असर

भारी बारिश का असर परवाणू के सेक्टर-5 स्थित उद्योगों पर भी पड़ा है। यहां पानी भरने से उद्योगों को भारी नुकसान होने की सूचना है। कई स्थानों पर जलभराव और मलबा आने के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

लगातार बारिश को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें प्रभावित स्थानों पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस द्वारा यातायात को नियंत्रित कर वाहनों की आवाजाही सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, लोगों से बारिश के दौरान संवेदनशील मार्गों पर सावधानी बरतने की अपील की गई है।


यह भी पढ़ें: Himachal Weather 30th August: हिमाचल में मानसून के तेवर फिर कड़े, चार दिन के लिए भारी बारिश का अलर्ट