मोबाइल स्क्रीन की लत डिजिटल आई सिंड्रोम से कर रही पीड़ित, ये 4 लक्षण दिखें तो तुरंत जाएं डॉक्टर के पास
सोलन क्षेत्रीय अस्पताल में मोबाइल स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग से डिजिटल आई सिंड्रोम के मामले बढ़ रहे हैं, जिसमें बच्चे और वयस्क दोनों प्रभावित हैं। स्क्र ...और पढ़ें

लगातार स्क्रीन देखने से लोग डिजिटल आई सिंड्रोम से पीड़ित हो रहे हैं। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
सोलन में डिजिटल आई सिंड्रोम के 25-30 मामले रोज।
बच्चों और वयस्कों में मोबाइल से आंखों की समस्या।
20-20-20 नियम अपनाकर आंखों को सुरक्षित रखें।
नेहा शर्मा, सोलन। मोबाइल स्क्रीन को घंटों भर एकटक नजर से देखने वाले बच्चे व युवा सावधान हो जाएं। कहीं आप भी डिजिटल आई सिंड्रोम के शिकार न हो जाएं। इन दिनों कई बच्चे व वयस्क अस्पताल में बीमारी से पीड़ित होकर उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा आंखों में खराश, लालीपन के लक्षण भी देखे जा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में सोलन क्षेत्रीय अस्पताल में ही डिजिटल आई सिंड्रोम के रोजाना 25 से 30 मामले पहुंच रहे हैं।
एक साल के बच्चे भी पहुंच रहे
जब इनसे पूछताछ की जाती है तो लगातार मोबाइल देखने के कारण आंखों में सबसे पहले ड्राइनेस होता है और उसके बाद लगातार सिरदर्द होने लग जाता है। इसमें न केवल 12 से 18 साल के युवा शामिल हैं, बल्कि एक से 11 साल तक के बच्चों में भी डिजिटल आई सिंड्रोम के लक्षण पाए गए हैं।
व्यस्क भी पीड़ित
इसी तरह लगातार फोन व कंप्यूटर स्क्रीन पर कार्य करने वाले वयस्क भी बीमारी से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। आगामी दिनों में अगर इसी तरह आंकड़े बढ़ते गए तो यह चिंता का विषय बन जाएगा।
दी जाती है सलाह
आई ओपीडी में पहुंचने वाले इन मामलों में पीड़ितों से आग्रह किया जाता है कि वह लगातार मोबाइल व कंप्यूटर स्क्रीन को न देखें। जांच के दौरान नेत्र रोग विशेषज्ञों को इनमें से बड़ी संख्या में मरीज डिजिटल आई सिंड्रोम से पीड़ित मिल रहे हैं।
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डिजिटल आई सिंड्रोम के प्रमुख लक्षण
- आंखों में सूखापन (ड्राईनेस) व जलन
- आंखों का लाल होना व खुजली
- लगातार सिरदर्द और आंखों में दर्द
- धुंधला दिखाई देना व आंखों का जल्दी थक जाना
क्या है 20-20-20 नियम
डिजिटल आई सिंड्रोम से बचाव के लिए 20-20-20 नियम अपनाएं। हर 20 मिनट तक मोबाइल, कंप्यूटर या अन्य डिजिटल स्क्रीन देखने के बाद 20 सेकंड का विराम लेकर आंखों को ब्लिंक करें और लगभग 20 फीट दूर स्थित किसी वस्तु को देखें। इससे आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलता है, ड्राईनेस कम होती है और आंखों पर पड़ने वाला तनाव घटता है।
इन दिनों डिजिटल आई सिंड्रोम के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बच्चों और युवाओं को स्क्रीन टाइम सीमित रखना चाहिए और 20-20-20 नियम अपनाना चाहिए। यदि आंखों की परेशानी लगातार बनी रहे तो बिना देरी किए नेत्र विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
-डॉ. सुमित सूद, नेत्र रोग विशेषज्ञ, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन।
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