यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kasauli में जुलाई महीने का पर्यटन कारोबार ठप, अगस्त की एडवांस बुकिंग भी रद्द करवा रहे टूरिस्ट; क्या है वजह
चंडीगढ़-शिमला एनएच के अलावा कसौली व अन्य हिल स्टेशनों पर लगातार हो रहे भूस्खलन की खबरों से मैदानी राज्यों के पर्यटक यहां सफर करने से डर रहे हैं। एनएच ...और पढ़ें

सोलन, संवाद सहयोगी। Kasauli Tourist हिमाचल में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कों पर खतरनाक सफर के कारण पर्यटकों में दहशत का माहौल है। इससे पर्यटन कारोबार एक दम धड़ाम होकर गिर गया है। जून के अंत तक पीक पर चल रहा पर्यटन व्यवसाय जुलाई माह में पूरी तरह ठप हो गया है। पर्यटकों ने हिल स्टेशनों में फंसने के डर से एडवांस बुकिंग रद्द करवा दी हैं।
जुलाई तो गया ही, लेकिन मौसम के मिजाज को देखते हुए पर्यटकों ने अब अगस्त की भी बुकिंग भी रद्द करवा दी हैं। इससे पर्यटन कारोबारी अपने व्यवसाय के लिए चिंतित हो गए हैं। सोलन जिले की पर्यटन नगरी कसौली में आम दिनों में सप्ताहंत पर ऑक्यूपेंसी 80 फीसदी के करीब रहती है, लेकिन पिछले दो सप्ताह से सप्ताहंत पर्यटकों ने भी इस मौसम में हिल स्टेशन से दूरी बना ली है।
पंजाब, चंडीगढ़ का गिना चुना पर्यटक ही इस शनिवार व रविवार को कसौली पहुंचा, जिससे यहां इस वीकेंड ऑक्यूपेंसी जीरो रही। पर्यटन नगरी कसौली, गढ़खल, धर्मपुर के आसपास दर्जनों छोटे-बडे होटल हैं, जिनमें कारोबार ठप है। वहीं, कसौली बाजार जो केवल पर्यटकों पर ही निर्भर है, वहां भी सारा दिन दुकानदार खाली बैठे नजर आ रहे हैं।
सड़कों पर सफर खतरनाक, डर रहे पर्यटक
चंडीगढ़-शिमला एनएच के अलावा कसौली व अन्य हिल स्टेशनों पर लगातार हो रहे भूस्खलन की खबरों से मैदानी राज्यों के पर्यटक यहां सफर करने से डर रहे हैं। एनएच पर धर्मपुर से परवाणू के के बीच जबकि अन्य सड़कों पर कई बार भूस्खलन हुए, जिसमें कई वाहन विशाल पत्थरों की चपेट में आने से भी बाल-बाल बचे। इससे पर्यटक फिलहाल सफर करने से बच रहे हैं।
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अगस्त की भी बुकिंग रद्द
कसौली होटलियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र चोपड़ा ने कहा कि जुलाई माह में बुकिंग रद्द होने से कसौली में पर्यटन कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। जुलाई तो खत्म हो गया लेकिन अब अगस्त की भी बकिंग भी रद्द हो गई है। होटल व्यवसाय लगातार अब घाटे में जा रहा है। सड़कों पर सफर बेहद खतरनाक होने से पर्यटक हिल स्टेशनों की ओर सफर करने से गुरेज कर रहे हैं।