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    हिमाचल में निवेश के नाम पर करोड़ों का घोटाला: CID शिमला टीम की ऊना में दबिश, मिली वित्तीय अनियमितताएं

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Thu, 12 Mar 2026 11:58 AM (GMT+05:30)

    हिमाचल प्रदेश में करोड़ों रुपये के निवेश घोटाले में सीआईडी शिमला क्राइम ब्रांच ने ऊना के लठियाणी स्थित ह्यूमन वेलफेयर सोसायटी कार्यालय पर छापा मारा। स ...और पढ़ें

    ऊना के लठियाणी में सभा के दस्तावेज कब्जे में लेते सीआईडी टीम के सदस्य। जागरण

    ऊना के लठियाणी में सभा के दस्तावेज कब्जे में लेते सीआईडी टीम के सदस्य। जागरण

    HighLights

    1. सीआईडी ने लठियाणी में ह्यूमन वेलफेयर सोसायटी पर छापा मारा।

    2. सोसायटी ने साढ़े चार करोड़ रुपये का निवेश घोटाला किया।

    3. दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं मिलीं।

    संवाद सूत्र, लठियाणी (ऊना)। हिमाचल प्रदेश में करोड़ों रुपये के निवेश घोटाले में सीआइडी शिमला क्राइम ब्रांच की टीम ने ह्यूमन वेलफेयर सोसायटी के लठियाणी स्थित कार्यालय में दबिश दी। टीम ने कार्यालय के सारे दस्तावेज और कंप्यूटर, लैपटाप कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जिला ऊना के लठियाणी और बंगाणा क्षेत्र में कार्यरत ह्यूमन वेलफेयर सोसायटी सैकड़ों लोगों से करीब साढ़े चार करोड़ रुपये एकत्र कर फरार हो गई है। इस घटना के बाद निवेश करने वाले लोगों में भारी चिंता और रोष है।

    प्रतिदिन होता है लाखों का कारोबार

    जानकारी के अनुसार सोसायटी के कार्यालयों में प्रतिदिन लाखों रुपये का लेनदेन होता था। ऊंचे लाभ का लालच देकर सोसायटी ने ग्रामीण व मध्यम वर्गीय लोगों को जाल में फंसाया। कई लोगों ने जीवनभर की जमा-पूंजी, बच्चों की शादी तथा भविष्य की जरूरतों के लिए बचाई गई राशि भी सोसायटी में जमा करवा दी थी।

    अचानक लटके कार्यालयों पर ताले

    पिछले कुछ दिन से अचानक सोसायटी के दफ्तरों पर ताले लटक गए और प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारी अपने मोबाइल फोन बंद कर गायब हो गए। इसके बाद ठगी का संदेह होने पर निवेशकों ने प्रशासन से शिकायत की। निवेशकों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीआइडी अपराध शाखा शिमला की टीम ने बुधवार को क्षेत्र में पहुंचकर जांच शुरू की।

    वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले

    प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल के सदस्य एवं सीआइडी अपराध शाखा शिमला के उपनिरीक्षक योगराज शर्मा ने बताया कि कार्यालय से सभी जरूरी कागजात, संगणक और अन्य अभिलेख जब्त कर लिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं और मामले की गहन जांच जारी है। दोषियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें कानून के शिकंजे में लिया जाएगा।

    इस ठगी का शिकार हुए लोगों में अधिकतर ग्रामीण व मध्यम वर्गीय परिवार शामिल हैं। सोसायटी के दफ्तरों के बाहर जुट रहे लोग प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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