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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Himachal: उपचार में 2 घंटे की देरी और चली गई घायल की जान, परिवार ने दिया धरना तो दो डाक्टरों के विरुद्ध हुई FIR

    Updated: Wed, 23 Jul 2025 02:53 PM (IST)

    Himachal Pradesh News ऊना अस्पताल में लापरवाही के चलते एक मरीज की मौत हो गई जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। मृतक की पत्नी ने दो डॉक्टरों ...और पढ़ें

    ऊना अस्पताल में प्रदर्शन कर रहे मृतक के स्वजन से बात करते एडीसी महेन्द्र पाल गुर्जर, डीएसचपी अजय व सीएमओ।
    ऊना अस्पताल में प्रदर्शन कर रहे मृतक के स्वजन से बात करते एडीसी महेन्द्र पाल गुर्जर, डीएसचपी अजय व सीएमओ।

    HighLights

    1. डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज की मौत
    2. क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के दो डॉक्टर पर मामला दर्ज
    3. इलाज में दो घंटे की लापरवाही पड़ी भारी।

    अविनाश विद्रोही, गगरेट, (ऊना)। Himachal Pradesh News, हिमाचल प्रदेश में जिला ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल में मरीज की संदिग्ध हालात में मौत के बाद परिवार के लोगों ने शव रखकर हंगामा किया। परिवार के लोगों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। स्वजन की शिकायत के आधार पर दो डाक्टरों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है। 

    गांव जसाना की मधु बाला पत्नी स्वर्गीय नितीश कुमार ने पति की मृत्यु को लेकर ऊना अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ उचित उपचार न करने का आरोप लगाया। मरीज की पत्नी ने अस्पताल की डा. सुचरिता लठ्ठ व डा. राहुल के खिलाफ शिकायत सौंपी है, जिसके बाद दोनों पर FIR दर्ज हो गई है। 

    फुटपाथ पर फिसलने से आई थी सिर पर चोट

    शिकायत में बताया गया कि बरसात के दौरान गांव में फुटपाथ पर फिसलने से उनके पति के सिर पर गहरी चोट आई थी। उन्हें पहले सरकारी अस्पताल बंगाणा ले जाया गया, जहां से उन्हें ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल रेफर किया गया।।

    आरोप, डाक्टर ने नहीं किया सही मूल्यांकन 

    मधु बाला का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर सुचरिता लठ ने न तो मरीज का सही मूल्यांकन किया और न ही उचित इलाज शुरू किया। वहीं कॉल पर मौजूद कंसल्टेंट डॉक्टर राहुल न तो आए और न ही उन्होंने मरीज की स्थिति को गंभीरता से लिया। न तो इंटुबेशन किया गया और न ही न्यूरोलॉजिकल जांच जैसी जीवन रक्षक प्रक्रिया अपनाई गई।

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    बिना इंटुबेशन PGI भेज दिया मरीज, एक घंटे बाद वापस बुला लिया

    बाद में मरीज को पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। ड्यूटी एमओ द्वारा एक घंटे बाद एम्बुलेंस को वापस बुलाया गया और फिर इंटुबेशन किया गया, जिससे कुल 2.05 घंटे की देरी हुई। इसके बाद उन्हें पीजीआइ चंडीगढ़ ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रभावी इंटुबेशन न होने के कारण मरीज को मृत घोषित कर दिया।

    स्वजन ने शव अस्पताल में रखकर किया था प्रदर्शन

    मृतक के स्वजन ने शव के साथ मंगलवार को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में प्रदर्शन किया था ,स्थानीय प्रशासन ने उचित कारवाई का आश्वासन देकर ये धरना प्रदर्शन हटवाया और उसके बाद इन दोनों डाक्टर के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    एएसपी संजीव भाटिया ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक की पत्नी की शिकायत के आधार पर दो डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी गई है।

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