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    ऊना की थहड़ा पंचायत को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार, जन्म पंजीकरण से लेकर परिवार नकल सहित ये सेवाएं ऑनलाइन

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sun, 01 Feb 2026 12:26 PM (IST)

    Himachal Panchayat News, ऊना की थहड़ा पंचायत को वर्ष 2026 के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार मिला है। पंचायत को 23 मार्च को राष्ट्रीय मंच ...और पढ़ें

    ऊना की थहड़ा पंचायत का कार्यालय। जागरण

    ऊना की थहड़ा पंचायत का कार्यालय। जागरण

    HighLights

    1. थहड़ा पंचायत को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया।

    2. जन्म, मृत्यु पंजीकरण सहित कई सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराईं।

    3. डिजिटल सेवाओं से ग्रामीणों का समय और पैसा बच रहा है।

    जीएस जस्सल, बंगाणा (ऊना)। हिमाचल प्रदेश में जिला ऊना के बंगाणा उपमंडल की पंचायत थहड़ा ने प्रदेश और जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। पंचायत को वर्ष 2026 के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। भारत सरकार के पंचायतीराज मंत्रालय एवं प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में पंचायत को 23 मार्च को राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित किया जाएगा।

    इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह है। पंचायत के कार्यों की पहले जिला पंचायत प्रदर्शन मूल्यांकन समिति द्वारा समीक्षा की गई जिसके बाद राज्यस्तरीय समिति ने पुरस्कार के लिए पंचायत की अनुशंसा की। 

    हाल ही में राज्य सरकार के निर्देशानुसार पंचायत में फील्ड वेरिफिकेशन पूरा किया गया जिसमें पंचायत की डिजिटल सेवाओं, पारदर्शिता, जनभागीदारी और विकास कार्यों की सराहना की गई।

    ये सेवाएं ऑनलाइन

    पंचायत ने ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए प्रशासन को आधुनिक तकनीक से जोड़ा है। पंचायत में जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण, परिवार नकल, राशन कार्ड संशोधन, गृह कर भुगतान, मनरेगा जाब कार्ड, रोजगार आवेदन, स्थायी निवासी प्रमाणपत्र, बेरोजगार, अविवाहित, जीवन एवं चरित्र प्रमाणपत्र सहित अनेक सेवाएं आनलाइन उपलब्ध करवाई गई हैं।

    पेंशन सुविधाएं भी डिजिटल

    वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांगता एवं असहाय पेंशन से जुड़ी सुविधाएं भी डिजिटल रूप से प्रदान की जा रही हैं। इन सेवाओं से ग्रामीणों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते जिससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है। पारदर्शी व्यवस्था के कारण भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगा है और आम लोगों का प्रशासन पर विश्वास बढ़ा है।

    क्या कहते हैं पंचायत सचिव

    पंचायत सचिव कमलदेव ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों के सहयोग से ही यह सफलता मिली है। पंचायत ने हमेशा पारदर्शिता, ईमानदारी और डिजिटल सेवाओं को प्राथमिकता दी है। स्वच्छता, जल संरक्षण, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी पंचायत ने सराहनीय कार्य किए हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं को समयबद्ध ढंग से लागू कर ग्रामीणों को लाभ पहुंचाया गया है।

    खबरें और भी

    यह उपमंडल के लिए गौरव की बात है। पंचायत की कार्यप्रणाली अन्य पंचायतों के लिए अनुकरणीय है और इससे क्षेत्र में सुशासन को बढ़ावा मिलेगा।
    -केएल शर्मा, खंड विकास अधिकारी।

    पंचायत बनी सतत विकास की मिसाल

    पंचायत में सतत विकास की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। पंचायत में सार्वजनिक लोक मित्र केंद्र की स्थापना की गई है, जिससे विभिन्न सरकारी सेवाएं एक ही स्थान पर प्राप्त हो रही हैं। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक शौचालय बनाए गए हैं। पंचायत परिसर में तालाब, वन विभाग विश्रामगृह तथा भरथरी मंदिर में सराय का निर्माण श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहा है। पंचायत में पांच आंगनबाड़ी केंद्र कार्यरत हैं। कर भुगतान के लिए कोड की सुविधा से राजस्व संग्रह में पारदर्शिता आई है।

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