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    शिमला से दिल्ली और धर्मशाला के लिए शुरू होगी हवाई सेवा, एलाइंस एअर को हिमाचल सरकार देगी अनुदान; कितना होगा किराया?

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sun, 01 Feb 2026 11:52 AM (IST)

    दिल्ली-शिमला और शिमला-धर्मशाला के बीच हवाई सेवा फिर से शुरू होगी। हिमाचल सरकार एलाइंस एअर को सालाना 31 करोड़ रुपये का अनुदान देगी। शिमला-धर्मशाला के ल ...और पढ़ें

    शिमला से दिल्ली व धर्मशाला के लिए फिर से हवाई सेवाएं शुरू होने जा रही हैं। जागरण आर्काइव

    शिमला से दिल्ली व धर्मशाला के लिए फिर से हवाई सेवाएं शुरू होने जा रही हैं। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. दिल्ली-शिमला, शिमला-धर्मशाला हवाई सेवा होगी शुरू।

    2. हिमाचल सरकार देगी 31 करोड़ रुपये वार्षिक अनुदान।

    3. शिमला-धर्मशाला के लिए 3000 रुपये किराया तय।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। दिल्ली से शिमला व शिमला से धर्मशाला के बीच बंद पड़ी हवाई सेवा प्रति सीट शुल्क दरें निर्धारित होने के बाद शुरू होंगी। शिमला-धर्मशाला के लिए एलाइंस एअर ने 3500 व सरकार ने 3000 रुपये किराया तय किया है। जबकि दिल्ली-शिमला के लिए शुल्क निर्धारित नहीं हो पाया है। प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित शुल्क दरों को केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद ही हवाई सेवा शुरू होगी। 

    कंपनी ने तय किया था किराया

    भारत सरकार के उपक्रम एलाइंस एअर की ओर से हिमाचल सरकार को दिल्ली से शिमला के लिए प्रति सीट 6000 हजार रुपये और शिमला से धर्मशाला के बीच में प्रति सीट किराया 3500 रुपये प्रस्तावित करके भेजा था। लेकिन, 19 जनवरी को मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने हवाई सेवा शुरू करने के लिए 31 करोड़ रुपये की वायबिलिटी गैप फंडिंग के तहत स्वीकृत की। पिछले तीन साल के दौरान वायबिलिटी गैप फंडिंग का खर्च 12 करोड़ रुपये था। 

    सरकार ने यह दर की तय 

    जानकारी के अनुसार एलाइंस एअर की ओर से दी गई किराया शुल्क दरों में कटौती करते हुए प्रदेश सरकार ने शिमला से धर्मशाला के लिए 3500 रुपये के बजाय 3000 रुपये प्रति सीट किराया देने की स्वीकृति प्रदान की थी। जबकि दिल्ली से शिमला के लिए किराया दर पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका था। 

    क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत दोबारा शुरू होगी हवाई सेवा

    25 सितंबर, 2025 को उड़ान योजना के तहत तीन साल एलाइंस एअर और हिमाचल सरकार के बीच में हुए करार की अवधि समाप्त होने के बाद हवाई सेवा बंद हो गई थी। पुन: हवाई सेवा शुरू करने के लिए प्रदेश सरकार को एलाइंस एअर के साथ करार करना होगा। दिल्ली से शिमला के बीच में सब्सिडी वाली सीटों का खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। 

    दिल्ली से शिमला आते हुए उपदान वाली सीटों की संख्या 17 और शिमला से दिल्ली जहाज के जाते हुए उपदान वाली सीटों की संख्या 13 रहेगी। इसके अतिरिक्त 48 सीटर जहाज में एलाइंस एअर प्रदेश के भीतर होने वाली हवाई उड़ानों का उपदान का खर्च प्रदेश सरकार को चुकाना होगा। 

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    शिमला-धर्मशाला के बीच में सभी सीटें सब्सिडी वाली

    शिमला से धर्मशाला के बीच में हवाई सेवा शुरू होने पर सभी 48 सीटें सब्सिडी वाली होंगी। इसकी प्रत्येक सीट पर होने वाला खर्च प्रदेश सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग की धनराशि के तहत अलायंस एयर को भुगतान करेगी। दिल्ली-शिमला के पहले 3300 रुपये प्रति सीट किराया था, जो अब 6000 रुपये प्रति सीट हो सकता है। शिमला-धर्मशाला के पहले 1214 से 3000 तक पहुंचता था, जो अब 3500 रुपये कंपनी व सरकार ने 3000 रुपये तय किया है। 

    एलाइंस एअर की ओर से बिना सब्सिडी वाली सीट के लिए दिल्ली से शिमला के लिए 15 हजार रुपये किराया लिया जा रहा था। तीन साल के दौरान एलाइंस एअर कंपनी हवाई सेवा प्रदान करने के लिए  6.70 लाख रुपये प्रति दिन का खर्च कर रही थी। अब ये खर्च बढ़कर 7.90 लाख प्रति दिन आंका गया है। 

    केंद्र की ओर से प्रदेश के तीनों हवाई अड्डों की मरम्मत के लिए 27 करोड़ दिए गए हैं। यह राशि खर्च नहीं होने की स्थिति में केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय कटौती करेगा। राज्य में हवाई सेवाएं बंद होने के चलते एलांइस एअर कंपनी ने पूरा स्टाफ मुंबई, रीवा, पिथौरागढ़ भेज दिया है और दोनों जहाज मुंबई भेजे हैं। 

    उड़ानों के लिए राज्य सरकार हर साल देगी 31 करोड़ रुपये

    मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का कहना है कि राज्य में हवाई सेवाओं को मजबूत करने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए  राज्य सरकार ने दिल्ली-शिमला और शिमला-धर्मशाला मार्गों पर नियमित हवाई सेवाओं का संचालन करने का निर्णय लिया है। ये उड़ानें सप्ताह भर संचालित होंगी और इनका निरंतर संचालन सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर साल 31 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। वर्तमान राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है और पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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