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8 साल की उम्र में हादसे में गंवाई बाजू, निषाद ने एक हाथ से ही छू लिया आसमान; एशियाई पैरा खेलों में जीता गोल्ड

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 20 Oct 2026 12:43 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के निषाद कुमार ने जापान में एशियाई पैरा खेलों में लंबी कूद में स्वर्ण पदक ...और पढ़ें

पैरा एथलीट निषाद हाई जंप में गोल्ड मेडल जीतने के बाद प्रतिद्वंद्वियों के साथ व दायें भारतीय स्टाफ के साथ।

पैरा एथलीट निषाद हाई जंप में गोल्ड मेडल जीतने के बाद प्रतिद्वंद्वियों के साथ व दायें भारतीय स्टाफ के साथ।

HighLights

  1. निषाद कुमार ने लंबी कूद में जीता एशियाई पैरा स्वर्ण।

  2. आठ साल की उम्र में हादसे में गंवाया था हाथ।

  3. ऊंची कूद में 20 अक्टूबर को करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व।

अजय टबयाल, अंब (ऊना)। जापान के आइची-नागोया में एशियाई पैरा खेलों में हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के स्टार एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में 7.11 मीटर की छलांग लगाकर देश के लिए स्वर्ण पदक जीता। निषाद आमतौर पर ऊंची कूद में हिस्सा लेते हैं और इस स्पर्धा में दो ओलिंपिक रजत पदक जीत चुके हैं। लंबी कूद में यह उनका पहला मुकाबला था। निश्चय ही उनकी सफलता देश के युवाओं को प्रेरित कर रही है। लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने काफी संघर्ष किया है।

संघर्ष और हौसले से हासिल की अंतरराष्ट्रीय पहचान

ऊना जिले के अंब उपमंडल के बदायूं गांव में पले-बढ़े निषाद का जीवन आठ वर्ष की उम्र में एक हादसे से बदल गया। मां मवेशियों के लिए चारा काट रही थीं और निषाद मशीन में चारा डालने लगे। इस दौरान उनका हाथ मशीन की चपेट में आकर कट गया।

इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और गांव के सरकारी स्कूल से शुरू हुआ खेल का सफर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। जमा दो की पढ़ाई के बाद वह प्रशिक्षण के लिए पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम पहुंचे। कोच नसीम अहमद ने उनकी प्रतिभा पहचानी और उसे निखारा।

कड़ी मेहनत लाई रंग

माता-पिता ने निषाद को कभी दूसरों से कम होने का अहसास नहीं होने दिया। निषाद ने एक हाथ को कमजोरी नहीं, ताकत बनाया और ऊंची कूद को चुना। शरीर का संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उन्होंने नियमित अभ्यास जारी रखा। साल 2017 में पेशेवर पैरा-एथलेटिक्स में कदम रखने के बाद कोच रमेश के मार्गदर्शन में उन्होंने तकनीक सुधारी। कोरोना महामारी के दौरान अभ्यास छूटने और शरीर कमजोर होने के बावजूद उन्होंने वापसी की और टोक्यो पैरालिंपिक और पेरिस पैरालिंपिक में ऊंची कूद स्पर्धा में लगातार दो रजत पदक जीते।

मां ने बेटे के लिए मुख्यमंत्री से मांगी नौकरी 

निषाद की उपलब्धि पर उनकी मां पुष्पा देवी ने खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें बेटे पर गर्व है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से निषाद की उपलब्धियों को देखते हुए सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

आज ऊंची कूद में उतरेंगे निषाद

लंबी कूद में स्वर्ण जीतने के बाद निषाद की नजरें अब ऊंची कूद पर हैं। वह 20 अक्टूबर को इस स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। ऊंची कूद उनकी प्रमुख स्पर्धा है और इसमें उनकी वर्तमान एशियाई रैंकिंग नंबर एक है। उनसे एक और शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।

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