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    Shardiya Navratri: श्रीचिंतपूर्णी मंदिर में नवरात्र में रहेगी विशेष व्यवस्था, बिना पर्ची दर्शन नहीं कर सकेंगे श्रद्धालु

    Updated: Sat, 20 Sep 2025 02:34 PM (IST)

    Chintpurni Devi Mandir ऊना में माता चिंतपूर्णी मंदिर में अश्विन नवरात्र मेले के दौरान 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक विशेष व्यवस्था लागू रहेगी। जिला दंडाधि ...और पढ़ें

    श्री चिंतपूर्णी देवी मंदिर और मां की पिंडी। जागरण आर्काइव
    श्री चिंतपूर्णी देवी मंदिर और मां की पिंडी। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक विशेष व्यवस्था |
    2. हथियार, लाउडस्पीकर और पॉलीथीन पर प्रतिबंध |
    3. पर्ची के बिना दर्शन नहीं कर सकेंगे |

    जागरण संवाददाता, ऊना। Chintpurni Devi Mandir, माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में शारदीय नवरात्र मेले के दौरान लोगों की सुविधा और सुचारू कानून व्यवस्था के लिए 22 सितंबर से पहली अक्टूबर तक विशेष व्यवस्था लागू रहेगी। इसे लेकर जिला दंडाधिकारी जतिन लाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किए हैं।

    जारी आदेश के मुताबिक मेले के दौरान कानून व्यवस्था में तैनात जवानों को छोड़कर किसी भी व्यक्ति द्वारा हथियार लेकर चलने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी।

    हिमाचल प्रदेश के सभी शक्तिपीठों में शारदीय नवरात्र को लेकर विशेष तैयारी चल रही है। श्रीनयना देवी सहित कांगड़ा के श्रीबज्रेश्वरी देवी मंदिर, श्रीज्वालाजी माता और श्री चामुंडा देवी मंदिर को फूलों से सजाया जा रहा है। वनखंडी स्थित श्री बगलामुखी माता मंदिर में भी तैयारी चल रही है। 

    लाउड स्पीकर सहित लंबे चिमटे लेकर चलने पर भी रोक

    उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि नवरात्र के दौरान ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए मंदिर न्यास को छोड़कर अन्यों के लाउड स्पीकर के इस्तेमाल करने पर पूर्ण मनाही रहेगी। मेले के दौरान ब्रास बैंड, ड्रम, लंबे चिमटे इत्यादि के लाने पर भी पूर्ण पाबंदी रहेगी।

    यदि कोई व्यक्ति इन वस्तुओं को अपने साथ लाता है तो उन्हें पुलिस द्वारा स्थापित बैरियर पर ही जमा करवाना होगा।

    पॉलीथीन पर पूर्ण प्रतिबंध, सड़क किनारे नहीं लगेंगे लंगर

    साथ ही इस दौरान पॉलीथीन के इस्तेमाल पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। खुले में और सड़क किनारे लंगर लगाने पर भी प्रतिबंध रहेगा और आतिशबाजी इत्यादि की भी अनुमति नहीं होगी।

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    बिना पर्ची दर्शन नहीं कर सकेंगे श्रद्धालु

    उन्होंने कहा कि मेला अवधि के दौरान माता श्री चिंतपूर्णी जी के दर्शानार्थ बनाए गए पंजीकरण काउंटर पर पर्ची लेना अनिवार्य रहेगा। श्रद्धालु बिना पर्ची माता श्री चिंतपूर्णी जी के दर्शन नहीं कर सकेंगे।

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