नेपाल त्रासदी: हिमाचल के सुखविंदर के टनल में सुरक्षित होने का दावा, भाई ने वीडियो जारी कर भारत सरकार से मांगी मदद
नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में फँसे ऊना के सुखविंदर रत्न के सुरक्षित होने का दावा किया गया है, जहाँ करीब ...और पढ़ें
HighLights
ऊना के सुखविंदर रत्न नेपाल के त्रिशूली टनल में सुरक्षित।
करीब 15 भारतीय टनल में फंसे होने की आशंका जताई गई।
परिजनों ने भारत सरकार से तत्काल बचाव दल भेजने की अपील।
जागरण संवाददाता, ऊना। नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में आई त्रासदी के बाद करीब छह दिन से लापता जिला ऊना के बसदेहड़ा निवासी सुखविंदर रत्न के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है। सुखविंदर रत्न पुत्र हुसन लाल को लेकर उनके ताया के बेटे शुभम रत्न ने वीडियो जारी कर उनकी तलाश में भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। हालांकि, सुखविंदर की स्थिति को लेकर अभी आधिकारिक स्तर पर पुष्टि नहीं हो पाई है।
शुभम रत्न ने बताया कि सुखविंदर को ढूंढने के लिए उसका भाई वीरेंद्र रत्न दुबई से काठमांडू पहुंचा है व वह बीते पांच दिन से वहीं है। दोनों लगातार सुखविंदर की तलाश और उनके सुरक्षित बाहर निकलने की उम्मीद में प्रयास कर रहे हैं।
15 भारतीयों के टनल में होने की सूचना
उन्होंने बताया कि सुखविंदर समेत करीब 15 भारतीयों के वहां फंसे होने की सूचना है। शुभम के अनुसार, जिस सुरंग में भारतीयों के फंसे होने की आशंका है, वहां नेपाली कर्मचारी भी मौजूद थे।
सुरंग के अंदर एक कर्मी से हुआ संपर्क
नेपाली कर्मचारी के मुताबिक, सुरंग के अंदर मौजूद एक नेपाली कर्मचारी से करीब दो दिन पहले पता चला है कि सुखविंदर भी टनल नंबर वन में सुरक्षित है। शुभम ने बताया कि इस बात का पता चलते ही काठमांडू में भारतीय दूतावास को भी सूचना दी जा चुकी है।
भारत सरकार से बचव दल भेजने की गुहार
शुभम रत्न ने कहा कि स्थानीय स्तर पर चल रहे राहत एवं बचाव कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। ऐसे में भारत सरकार और संबंधित मंत्रालय को मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द अपना बचाव दल भेजना चाहिए। क्योंकि नेपाल सरकार न तो आर्मी रेस्क्यू दल को बढ़ा रही है और न यहां मौजूद निजी स्तर पर संस्था को साथ लेने को तैयार है। इन हालातों में हम काठमांडू में बैठकर केवल इंतजार करने को मजबूर हैं।
तो जान को हो सकता है खतरा
यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो सुखविंदर सहित अन्य भारतीयों की जान को खतरा बढ़ सकता है। स्वजन ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि नेपाल प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर भारतीयों की सुरक्षित तलाश और बचाव के लिए विशेष टीम तैनात की जाए।
