यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jammu News: पाकिस्तान में डर का माहौल! वायुसेना ने कारगिल में हरक्यूलिस विमान की नाइट लैंडिंग कर दिखाई ताकत
भारतीय सेना ने कारगिल में रात को ट्रेनिंग मिशन पर गरुड़ कमांडो उतारकर दुश्मनों को कड़ा संदेश दिया है। युद्ध की स्थिति में लद्दाख में दिन रात काम करने ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, जम्मू। चीन, पाकिस्तान जैसे देशों की साजिशों को नाकाम बनाने के लिए मजबूत हो रही भारतीय वायुसेना अब युद्ध की स्थिति में लद्दाख में दिन रात सैनिकों, वायुसैनिकों के साथ सैन्य साजो सामान पहुंचाने में सक्षम हो गई है। वायुसेना ने पहली बार लद्दाख के कारगिल में नियंत्रण रेखा के करीब स्थित एडवांस लैंडिंग ग्राउंड में रात के समय अपने बड़े विमान सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस विमान को उतार कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
लद्दाख के कारगिल में अपनी एयर स्ट्रिप पर ट्रैनिंग मिशन पर अपने गरूड़ कमांडो उतार कर वायुसेना ने साबित कर दिया है कि अब किसी भी समय जरूरत पड़ने पर दुश्मन पर कड़ा आघात करने की कार्रवाई होगी। भारतीय वायुसेना दिन के साथ रात के समय भी लद्दाख की एडवांस लैंडिंग ग्रांउड पर उतर कर दुश्मन पर त्वरित कार्रवाई करने में सहयोग देगी। भारतीय सेना कारगिल में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान के मंसूबों को नाकाम बनाने के लिए मोर्चा संभाले है।
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कारगिल में नहीं थी रात्रि लैंडिंग की सुविधा
वायुसेना लेह में स्थित अपनी एडवांस लैडिंग ग्रांउड पर पहले से नाइट लैंडिंग कर रही है। लेकिन कारगिल में अब तक रात के समय हरक्यूलिस विमान की लैंडिंग संभव नही हो पाई थी। कारगिल में रनवे पक्का है लेकिन इसमें रात्रि लैंडिंग की सुविधा नहीं थी। इस रनवे का निर्माण 1996 में जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा किया गया था। इस रनवे व आसपास की जमीन को भारतीय वायुसेना को ट्रांसफर कर दिया गया था।
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नाइट लैंडिंग कर दिया पाकिस्तान को कड़ा संदेश
अब वायुसेना ने नाइट लैंडिंग व ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम की मदद से कारगिल में नाइट लैंडिंग कर पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है कि उसने कारगिल दोहरने की कोशिश की तो उसे मिट्टी में मिला दिया जाएगा। वायुसेना ने रविवार को एक्स पर अपनी इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी दी है।
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कारगिल में वायुसेना की एडवांस लैंडिंग ग्रांउड साढ़े दस हजार फीट की उंचाई पर पाकिस्तान से लगती नियंत्रण रेखा के बहुत करीब है। अब वायुसेना अमेरिका से हासिल इस विमान की मदद से इतनी उंचाई पर कारगिल में रात के समय सैनिकों, गोला-बारूद, तोपों के साथ टैंकों को भी पहुंचा सकती है।
न्योमा एडवांस लैंडिंग ग्राउंड के ढांचे को बनाया जा रहा बेहतर
भारतीय वायुसेना भावी चुनौतियों का सामना करने के लिए लद्दाख में स्थित अपनी सभी एडवांस लैंडिंग ग्राउंड पर बुनियादी ढांचे को बेहतर बन रही है। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के करीब 16,700 फुट की उंचाई पर दौलत बेग ओल्डी व 13000 हजार फुट की ऊंचाई पर न्योमा एडवांस लैंडिंग ग्राउंड आपरेशनल चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर बनाए गए हैं।इस समय न्योमा एडवांस लैंडिंग ग्राउंड में फाइटर विमान उतारने के लिए बुनियादी ढांचे को और बेहतर बनाया जा रहा है।