यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Amarnath Yatra के लिए 1600 श्रद्धालुओं का 34वां जत्था रवाना, अब तक चार लाख सात हजार लोगों ने किए शिव के दर्शन
Amarnath Yatra 2024 अमरनाथ यात्रा के लिए आज 34वां जत्था रवाना किया गया। इसके अंतर्गत 1600 से अधिक श्रद्धालुओं को बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए भेज ...और पढ़ें

HighLights
- अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह बरकरार है
- आज 1600 श्रद्धालुओं का 34वां जत्था हुआ रवाना
- 28 जून को एलजी ने पहले जत्थे को दिखाई हरी झंडी
पीटीआई, श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बरकरार है। बुधवार की सुबह 1,600 से अधिक तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच दक्षिण कश्मीर हिमालय में अमरनाथ गुफा मंदिर (Amarnath Gufa Mandir) के लिए जम्मू आधार शिविर से रवाना हुआ।
इस बारे में अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इस साल की यात्रा पहले ही पिछले साल के 4.5 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है, जिसमें अब तक 4.7 लाख से अधिक तीर्थयात्री 3,880 मीटर ऊंचे गुफा मंदिर में प्राकृतिक रूप से बने बर्फ के शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं।
कड़ी सुरक्षा में किया गया जत्था रवाना
अधिकारियों ने बताया कि 1,654 तीर्थयात्रियों का 34वां जत्था केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिस की सुरक्षा में 51 वाहनों के काफिले में सुबह 3.25 बजे भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुआ।
अनंतनाग जिले में 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक मार्ग से वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए 1,198 तीर्थयात्री पहलगाम पहुंचेंगे, जबकि 456 तीर्थयात्रियों ने गंदेरबल जिले में 14 किलोमीटर लंबे छोटे लेकिन अधिक ढलान वाले बालटाल मार्ग को चुना है।
19 अगस्त को होगा यात्रा का समापन
28 जून को जब उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू से पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई थी, तब से अब तक कुल 1,41,947 तीर्थयात्री जम्मू बेस कैंप से रवाना हो चुके हैं। यात्रा 29 जून को शुरू हुई थी और 19 अगस्त को समाप्त होने वाली है।
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अमरनाथ यात्रा क्या है?
अमरनाथ यात्रा समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह धार्मिक स्थल जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के अंतर्गत पहलगाम (How to go Amarnath) में मौजूद है। यहां दो रास्तों से होते हुए जा सकता है। पहला सोनमार्ग और दूसरा पहलगाम। यह स्थल सनातन धर्म का सबसे पवित्र तीर्थों में से एक माना जाता है। बाबा अमरनाथ की यात्रा बेहद कठिन मानी जाती है, इसके बावजूद लाखों भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं