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    खुशखबरी! अब एक ही छत के नीचे आयुर्वेद-योग-यूनानी, जम्मू-कश्मीर को मिले 5 इंटीग्रेटेड आयुष अस्पताल

    By Rohit Jandiyal Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Sun, 02 Aug 2026 07:00 AM (IST)

    जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत 50-50 बिस्तरों वाले पांच एकीकृत आयुष अस्पताल स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से कुलगाम का अस्पताल कार्यरत है और ...और पढ़ें

    आयुर्वेद-योग-यूनानी एक छत के नीचे: जम्मू-कश्मीर में 5 एकीकृत आयुष अस्पताल स्वीकृत।

    आयुर्वेद-योग-यूनानी एक छत के नीचे: जम्मू-कश्मीर में 5 एकीकृत आयुष अस्पताल स्वीकृत

    HighLights

    1. जम्मू-कश्मीर में 50 बिस्तरों वाले पांच एकीकृत आयुष अस्पताल स्वीकृत।

    2. कुलगाम का अस्पताल पूरी तरह कार्यरत, चार अन्य निर्माणाधीन।

    3. राज्य सरकारें तय करेंगी आयुष अस्पतालों के स्थानों का चयन।

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत जम्मू-कश्मीर में 50-50 बिस्तरों की क्षमता वाले पांच एकीकृत आयुष अस्पतालों को मंजूरी दी गई है। इनमें से कुलगाम में एक अस्पताल पूरी तरह कार्यरत है, जबकि किश्तवाड़, कुपवाड़ा, बिलावर (कठुआ) और सांबा में चार अस्पतालों का निर्माण कार्य जारी है।

    लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने यह जानकारी दी।सरकार के अनुसार, कुलगाम में स्थापित 50 बिस्तरों की क्षमता वाले एकीकृत आयुष अस्पताल के लिए 925.56 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इस अस्पताल में आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, योग और प्राकृतिक चिकित्सा की सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    वहीं, निर्माणाधीन अस्पतालों के लिए किश्तवाड़ को पांच करोड़ रुपये, कुपवाड़ा को 729.39 लाख रुपये, बिलावर को 735.21 लाख रुपये तथा सांबा को 667.05 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।

    कश्मीर में 125 लाख रुपये की लागत वाला अस्पताल निर्माणाधीन

    इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में 10-10 बिस्तरों की क्षमता वाले दो एकीकृत आयुष अस्पतालों को भी स्वीकृति दी गई है। गाड़ीगढ़ में एक करोड़ रुपये की लागत वाला अस्पताल स्वीकृत है, लेकिन उसका निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ है। वहीं कश्मीर में 125 लाख रुपये की लागत वाला अस्पताल निर्माणाधीन है।

    केंद्र सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनकी स्टेट एनुअल एक्शन प्लान के आधार पर 50, 30 और 10-बेड वाले एकीकृत आयुष अस्पताल स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसके लिए राज्यों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, भूमि संबंधी दस्तावेज और आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता प्रस्तुत करनी होती है।

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    स्थानों का चयन राज्य सरकारों की जरूरतों और प्रस्तावों पर निर्भर

    मंत्रालय के अनुसार, आयुष अस्पतालों के लिए स्थान का चयन संबंधित राज्य सरकारें स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर करती हैं। केंद्र सरकार राज्यों से प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार मांग आधारित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है।

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि देशभर में आयुष अस्पतालों के स्थान चयन के लिए मौजूदा आयुष ढांचे, शोध क्षमता या क्षेत्रीय संतुलन जैसे मानकों पर आधारित कोई अलग राष्ट्रीय नीति निर्धारित नहीं की गई है। स्थानों का चयन पूरी तरह राज्य सरकारों की जरूरतों और प्रस्तावों पर निर्भर करता है।