Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पाकिस्तान के सैदावाली में भी गूंज रहे बाबा चमलियाल के जयकारे, पारंपरिक रीति-रिवाज से होगा वार्षिक मेले का आयोजन

    By lalit k Edited By: Rajiv Mishra
    Updated: Tue, 25 Jun 2024 11:24 AM (IST)

    Baba Chamliyal Fare रामगढ़ के सीमा से सटे छन्नी फतवाल गांव में स्थित बाबा चमलियाल की मजार पर वीरवार से पारंपरिक रीति से वार्षिक मेले का आयोजन होगा। इस ...और पढ़ें

    बाबा चमलियाल के दरबार में चर्म रोगों से मिलती है मुक्ति
    बाबा चमलियाल के दरबार में चर्म रोगों से मिलती है मुक्ति

    HighLights

    1. 27 जून को होगा बाबा चमलियाल वार्षिक मेले का आयोजन
    2. बाबा चमलियाल के दरबार में चर्म रोगों से मिलती है मुक्ति
    3. पाकिस्तान में भी गूंज रहे बाबा चमलियाल के जयकारे

    संवाद सहयोगी, रामगढ़। सब सेक्टर रामगढ़ के गांव छन्नी फतवाल स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा चमलियाल के वार्षिक मेले में महज दो दिन ही बचा है। 27 जून, वीरवार को बाबा चमलियाल वार्षिक मेले का पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ आयोजन किया जाएगा।

    जैसे-जैसे मेले की तिथि निकट आ रही है, श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला भी तेज हो गया है। गत रविवार को बाबा दलीप सिंह मन्हास के समाधि स्थल चमलियाल में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माथा टेका और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

    बाबा के दरबार में हाजिरी देने आए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समाधि प्रबंधन, मेला कमेटी व प्रशासनिक स्तर पर हर बेहतर प्रबंध किए हैं।

    बाबा की समाधि पर जुट रही श्रद्धालुओं की भीड़

    उधर, सरहद के उस पार पाकिस्तान के गांव सैदावाली स्थित बाबा की समाधि पर बीते वीरवार से वार्षिक साप्ताहिक मेला शुरू हो गया है। सैदावाली स्थित बाबा की समाधि पर सुबह-शाम श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। श्रद्धालु बाबा के दरबार में शीश झुकाकर मन्नतें पूरी होने की कामनाएं करते हैं।

    सैदावाली में बाबा की समाधि पर लगे साप्ताहिक मेले की रौनक लगातार बढ़ रही है, जिसका पता हर रोज वहां लगने वाले बाबा के जयकारों से लगता है। उधर, 27 जून को मेले की तैयारी में प्रशासन, मेला कमेटी, समाधि प्रबंधन व पंचायत छन्नी फतवाल के पदाधिकारी जुटे हुए हैं। वीरवार को पारंपरिक व श्रद्धा के साथ बाबा चमलियाल वार्षिक मेले का आयोजन होगा।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- Amarnath Yatra 2024: न फिसलन का डर, न ही श्रद्धालुओं को डराएंगे गिरते पत्थर; इस बार सुरक्षित और आरामदायक होगी अमरनाथ यात्रा

    मान्यता है कि चर्म रोगों से मिलती है मुक्ति

    मान्यता के अनुसार बाबा के दरबार में आने वाले कई चर्म रोग से पीड़ित हफ्तों सेवा कर रोग से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। जम्मू-कश्मीर के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड़ से भी कई चर्म रोग पीड़ित इन दिनों बाबा दलीप सिंह मन्हास के समाधि स्थल पर रहकर पवित्र शरबत-शक्कर का लेप लगाकर रोगों से मुक्ति की प्रार्थना कर रहे हैं।

    तीन दर्जन से अधिक लोग बाबा के दरबार में डेरा लगाए बैठे हैं। कहते हैं कि बाबा दलीप सिंह मन्हास के समाधि स्थल चमलियाल में सच्चे मन से सेवा करने पर चर्म रोग से मुक्ति मिलती है।

    पंजाब से चर्म रोग मुक्ति के लिए चमलियाल आए मोहन सिंह, कुलविंदर सिंह, गुरमीत सिंह, राजीव कुमार ने कहा कि उनको बाबा की रहमत पर पूरा विश्वास है। इसी विश्वास को मन में लेकर वे बाबा की समाधि पर सेवा कर रोग से मुक्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।

    यह भी पढ़ें- Jammu News: पति से बदला लेने के लिए मां ने कर दी हद पार, आठ दिन की नवजात बेटी की कर दी हत्या