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    3330 करोड़ की दुलहस्ती जलविद्युत परियोजना को EAC की मंजूरी, 390 मेगावाट क्षमता वाले प्रोजेक्ट का होगा विस्तार

    Updated: Fri, 26 Dec 2025 05:30 AM (GMT+05:30)

    जम्मू के किश्तवाड़ जिले में चिनाब नदी पर प्रस्तावित 260 मेगावाट की दुलहस्ती जलविद्युत परियोजना (चरण-2) को पर्यावरण मंजूरी मिल गई है। यह परियोजना 2007 ...और पढ़ें

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    राज्य ब्यूरो, जम्मू। दुलहस्ती जलविद्युत परियोजना (चरण-2) को पर्यावरण मंजूरी मिल गई है । जम्मू प्रांत में जिला किश्तवाड़ के दुलहस्ती क्षेत्र में चिनाब नदी पर प्रस्तावित 260 मेगावाट की क्षमता वाली इस परियोजना की राह में पर्यावरण मंजूरी ही सबसे बड़ी रुकावट थी। यह परियोजना वर्ष 2007 से क्रियाशील 390 मेगावाट की क्षमता वाली दुलहस्ती परियोजना (चरण-एक) का विस्तार है।

    जानकारी के अनुसार, केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की विशेषज्ञ आकलन समिति(ईएसी) की गत 19 दिसंबर को नई दिल्ली में हुई बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दी गई। दुलहस्ती जलविद्युत परियोजना (चरण-2) भी पहली परियोजना की तरह रन-आफ-द-रिवर परियोजना है।

    संबधित अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित परियोजना भी राष्ट्रीय जलविद्युत निगम एनएचपीसी द्वारा बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बूट-बीओओटी) के आधार पर कार्यान्वित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए एनएचपीसी और जम्मू कश्मीर सरकार ने तीन जनवरी 2021 को आपसी सहमति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

    चिनाब दरिया पर कोई नया बांध नहीं बनाया जाएगा

    प्रस्तावित परियोजना के लिए चिनाब दरिया पर कोई नया बांध नहीं बनाया जाएगा बल्कि मौजूदा दुलहस्ती परियोजना-एक के बांध व अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रस्तावित परियोजना के लिए एक हेडरेस टन्नल (वह सुरंग जो पानी को पावरहाउस तक ले जाती है), एक पावरहाउस, और एक टेल रेस टनल (वह सुरंग जो पानी को पावरहाउस से वापस नदी में ले जाती है) बनाई जाएगी।

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    संबधित अधिकारियोंने बताया बताया कि ईएसी ने अपनी बैठक में दुलहस्ती परियोजना द्वितीय के निर्माण को लेकर विभिन्न लोगों की शंकाओं के समाधान के लिए गठित समिति की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की। ईएसी ने प्रस्तावित परियोजना के पर्यावरण प्रभाव आकलन , जनसुनवाई और मंत्रालय द्वारा उठाए गए सवालों के आधार पर की गई गई कार्रवाई और परियोजना से संबधित अदालत के दिशा निर्देशों पर विस्तार से चर्चा की और 3330 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की पर्यावरण मंजूरी दे दी।

    कितना आएगा खर्च?

    उन्होंने बताया कि इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत में से 4564.57 लाख रुनये पर्यावरण प्रबंधन योजना और प्रदूषण नियंत्रण कार्यों पर खर्च होंगे। ईएसी ने परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी प्रदान करते हुए निर्देश दिया है कि परियोजना की क्रियाशील हाेने ,बिजली उत्पादन शुरु होने के बाद पांच वर्ष बाद ,एक स्वतंत्र और निष्पक्ष विशेषज्ञ एजेंसी के माध्यम से संबधित क्षेत्र में एक अध्यान कराया जाए। यह अध्ययन परियोजना से स्थानीय पर्यावरण पर हुए प्रभाव पर केंद्रित रहेगा।

    इसके अलावा ईएसी एनएचपीसी और चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट लिमिटेड को चिनाब नदी बेसिन के टिकाऊ पारिस्थितिक तंत्र के प्रंबधन के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के लिए किसी प्रतिष्ठित सरकारी अनुसंधान केंद्र की मदद लेने के लिए कहा है। यह कार्ययोजना संबधित क्षेत्र में किए गए अध्ययन पर आधारित होगी।