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    बिना बजट कैसे चलेगा अस्पताल? GMC जम्मू का सुरक्षा संकट गहराया, 956 सुरक्षाकर्मी 3 महीने से बिना वेतन

    By Rohit Jandiyal Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Wed, 05 Aug 2026 07:00 AM (IST)

    जम्मू के राजकीय मेडिकल कॉलेज और सहायक अस्पतालों में बजट की कमी के कारण संकट गहरा गया है, जहाँ 956 निजी सुरक्षाकर्मियों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला ...और पढ़ें

    जीएमसी जम्मू में सुरक्षा संकट गहराया 956 सुरक्षाकर्मी तीन महीने से वेतन विहीन।

    जीएमसी जम्मू में सुरक्षा संकट गहराया 956 सुरक्षाकर्मी तीन महीने से वेतन विहीन

    HighLights

    1. जीएमसी जम्मू के 956 सुरक्षाकर्मी तीन माह से वेतनहीन।

    2. अस्पतालों की संख्या दोगुनी, पर बजट में वृद्धि नहीं हुई।

    3. वित्त विभाग ने बजट बढ़ाने के प्रस्तावों को नामंजूर किया।

    रोहित जंडियाल, जम्मू। राजकीय मेडिकल कालेज जम्मू के सहायक अस्पतालों की संख्या पांच वर्ष में बढ़कर दोगुना हो गई है लेकिन इन अस्पतालों के लिए अलग से बजट का प्रविधान न होने के कारण अब समस्याएं उत्पन्न होना शुरू हो गई है। आलम यह है कि अस्पतालों की निजी सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों का वेतन देने के लिए फंड नहीं है। उधर सरकार बजट बढ़ाने के प्रस्तावों को नामंजूर कर चुकी है।

    जीएमसी में निजी सुरक्षा का टेंडर वर्ष 2022 में हुआ था। उस समय सिर्फ जीएमसी, एसएमजीएस, मनोरोग, सुपर स्पेशियलिटी और मैट्रनिटी अस्पताल गांधीनगर ही होते थे। सुरक्षा कर्मी भी उसी के अनुरूप थे। लेकिन इसके बाद नए अस्पताल लगातार खुले। वर्ष 2022 के अंत में ही बोन और ज्वाइंट अस्पताल खुला।

    स्टेट कैंसर इंस्टीटयूट इसके एक वर्ष बाद स्थापित हुआ। मनोरोग अस्पताल के भीतर नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नया नशा मुक्ति केंद्र खुला। कर्नल चोपड़ा नर्सिंग होम करीब दस वर्ष खुला है। एसएमजीएस अस्पताल में 241 बिस्तरों की क्षमता वाला नया मैट्रनिटी ब्लाक इसी वर्ष मरीजों को समर्पित हुआ है।

    जीएमसी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन सभी नए अस्पतालों के लिए कोई भी बजट सरकार ने मंजूर नहीं किया। सूत्रों का कहना है कि जीएमसी प्रशासन ने नए अस्पताल खुलने के बाद रिवाइज बजट सरकार के पास भेजा था लेकिन वित्त विभाग ने इसे मंजूरी नहीं दी।

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    इस कारण जीएमसी के माैजूदा बजट से ही अन्य अस्पतालों में भी निजी सुरक्षा कर्मियों का वेतन निकलता रहा।स्टेट कैंसर इंस्टीटयूट, बोन और ज्वाइंट अस्पताल और एसएमजीएस अस्पताल के नए ब्लाक का बजट अभी तक नहीं मिला है। इन अस्पतालों के प्रबंधन भी यह कर चुके हैं कि बिना बजट अस्पताल चलाने में मुश्किल आ रही है।

    956 निजी सुरक्षा कर्मी तैनाम

    जीएमसी और सहायक अस्पतालों में इस समय 956 निजी सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। इनमें अकुशल निजी सुरक्षाकर्मियों की संख्या 867 है जबकि कुशल कर्मियों की संख्या 30, सिक्योरिटी सुपरवाइजर की 57 और सिक्योरिटी आफिर दो हैं। अब इन सभी को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। एक महीने का वेतन ही एक करोड़ से अधिक है।

    उम्मीद है जल्द मिलेगा वेतन

    निजी सुरक्षा कर्मियों के वेतन के लिए बजट की व्यवस्था की जा रही है। उम्मीद है कि उनका बकाया तीन महीने का वेतन पंद्रह दिनों के भीतर मिल जाएगा। - डॉ. आशुतोष गुप्ता, प्रिंसिपल, जीएमसी जम्मू

    किस अस्पताल में कितने हैं निजी सुरक्षा कर्मी

    1. मेडिकल कालेज जम्मू: 295
    2. सर कर्नल चोपड़ा नर्सिंग होम: 21
    3. बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल: 32
    4. श्री महाराजा गुलाब सिंह अस्पताल शालामार: 132
    5. एसएमजीएस अस्पताल का नया ब्लाक: 55
    6. मैट्रनिटी अस्पताल गांधीनगर: 15
    7. मनोरोग अस्पताल: 19
    8. चेस्ट डिजिजेस अस्पताल: 54
    9. सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जम्मू: 131
    10. जीएमसी तकनीकी, टीचिंग ब्लाक, लैब सर्विसेज: 82
    11. क्वार्टर: 14
    12. लड़कियों का हास्टल: 23
    13. लड़कों का हास्टल: 25
    14. स्टेट कैंसर इंस्टीटयूट: 51
    15. नर्सिंग कालेज गंग्याल: 07