यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jammu News: सौर ऊर्जा से जगमगाएंगे सरकारी विभाग, बीस हजार सरकारी इमारतों को रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट में किया शामिल
Jammu News जम्मू कश्मीर के सरकारी विभाग अब सौर ऊर्जा से जगमगाएंगे। प्रदेश सरकार ने 2025 तक बीस हजार सरकारी इमारतों को रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट में शामिल ...और पढ़ें

HighLights
- सरकार को इससे सालाना करीब 700 करोड़ रुपये की बचत
- बिजली खपत के साथ कम होगा आर्थिक बोझ
- बिजली निगम की दस हजार करोड़ से अधिक की बकायादारी
- सरकार से संबंधित संस्थाओं का लोड लगभग 600 मेगावाट
राहुल शर्मा, जम्मू। जम्मू कश्मीर के सरकारी विभाग अब सौर ऊर्जा से जगमगाएंगे। प्रदेश सरकार ने 2025 तक बीस हजार सरकारी इमारतों को रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट में शामिल कर 300 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। जम्मू और कश्मीर ऊर्जा विकास एजेंसी (जेएकेईडीए) के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक 1900 सरकारी इमारतों पर सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थापित कर 27.61 मेगावाट बिजली उत्पन्न की जा रही है।
अटल डुल्लू के आदेश के बाद
ये प्रोजेक्ट जेएकेईडीए व अन्य विभागों की मदद से स्थापित किए गए हैं। मुख्य सचिव अटल डुल्लू के आदेश के बाद जम्मू और कश्मीर ऊर्जा विकास एजेंसी ने इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। एक सर्वे के अनुसार पूरे प्रदेश में डिसकाम, केपीडीसीएल।
सरकार से संबंधित संस्थाओं का लोड लगभग 600 मेगावाट
जेपीडीसीएल के साथ लगभग 4000 मेगावाट लोड में से 22494 पंजीकृत सरकारी कार्यालयों के अलावा अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, रक्षा प्रतिष्ठानों और स्ट्रीट लाइटिंग सहित सरकार से संबंधित संस्थाओं का लोड लगभग 600 मेगावाट है।
सरकार को इससे सालाना करीब 700 करोड़ रुपये की बचत
विभागीय सूत्रों का कहना है कि इन सरकारी प्रतिष्ठानों में 15 प्रतिशत ऊर्जा की खपत होती है। जिसका अनुमान सालाना 3000 मिलियन यूनिट बिजली है। ऊर्जा जरूरतों का केवल 50 प्रतिशत रुफटाप सोलर प्रोजेक्ट के जरिए पूरा हो जाता है तो प्रदेश सरकार को इससे सालाना करीब 700 करोड़ रुपये की बचत होगी।
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बिजली खपत के साथ कम होगा आर्थिक बोझ
कश्मीर विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान और शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विवि जैसे शैक्षणिक संस्थानों में सौर ऊर्जा के जरिए बिजली उत्पादन की बेहतर संभावना है। सरकारी विभागों में बिजली खपत घटने से बिजली बढ़ते लोड से निजात मिलेगी।
बिजली निगम की दस हजार करोड़ से अधिक की बकायादारी
आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर के सरकारी विभागों पर बिजली निगम की दस हजार करोड़ से अधिक की बकायादारी है, जिसे एक योजना के तहत माफ कर दिया गया परंतु मौजूदा हालात यह हैं कि ये सरकारी विभाग अभी भी हर माह नियमित रूप से बिजली बिल अदा नहीं कर पा रहे हैं।