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    जम्मू में कब मनाई जाएगी गुरु पूर्णिमा? इस दिन करें माता-पिता का पूजन, जानें नदियों में स्नान का विशेष महत्व

    By Ashok Sharma Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Tue, 28 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा 29 जुलाई को मनाई जाएगी। इस दिन गुरुजनों, माता-पिता और देवताओं का पूजन करना चाहिए। ...और पढ़ें

    जम्मू में गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई को मनाई जाएगी।

    जम्मू में गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई को मनाई जाएगी। 

    HighLights

    1. गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई को मनाई जाएगी।

    2. गुरुजनों, माता-पिता और देवताओं का पूजन करें।

    3. पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व।

    जागरण संवाददाता, जम्मू : गुरु पूर्णिमा का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा कहा जाता है। यह पर्व गुरु और शिक्षक के महत्व को उजागर करने वाला पावन एवं प्रेरणादायक पर्व है।

    श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई, मंगलवार को सायं 6.19 बजे प्रारंभ होकर 29 जुलाई, बुधवार को रात्रि 8.06 बजे तक रहेगी। सूर्योदय व्यापिनी आषाढ़ पूर्णिमा तिथि 29 जुलाई को होने के कारण व्यास पूजा तथा दिवा एवं रात्रि आषाढ़ पूर्णिमा व्रत इसी दिन किया जाएगा। महर्षि वेदव्यास जी का जन्मोत्सव पूरे देश में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया जाता है, इसलिए इस पर्व को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन श्रद्धालु अपने गुरुजनों का पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

    भगवान श्रीसत्यनारायण की कथा करें

    महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि इस अवसर पर भगवान श्रीगणेश, भगवान शिव, माता पार्वती, विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां शारदा, भगवान श्रीसत्यनारायण, चंद्रदेव और माता-पिता का पूजन अवश्य करना चाहिए। विशेष रूप से भगवान श्रीसत्यनारायण की कथा का श्रवण, पाठ एवं पूजन अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। यदि गुरुजी के प्रत्यक्ष दर्शन संभव न हों, तो घर पर श्रद्धापूर्वक उनका ध्यान एवं पूजन करें।

    नदियों-सरोवरों में स्नान का विशेष महत्व

    पूर्णिमा तिथि पर पवित्र नदियों एवं सरोवरों में स्नान का विशेष महत्व है। यदि तीर्थ स्नान संभव न हो, तो घर पर स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें और जरूरतमंदों को यथाशक्ति दान दें। ऐसा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

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