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    छुट्टियों में भी काम, फिर भी भेदभाव! जम्मू में स्वास्थ्य कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, 15 अगस्त के बाद हड़ताल की चेतावनी

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 07:15 AM (IST)

    Jammu News: जम्मू में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के गैर-राजपत्रित कर्मचारियों ने 2.5 दिन के वेतन भत्ते की बहाली न होने पर स्वतंत्रता दिवस के ...और पढ़ें

    स्वास्थ्य कर्मियों ने मांगें पूरी न होने पर स्वतंत्रता दिवस के बाद हड़ताल की चेतावनी दी। (फाइल फोटो)

    स्वास्थ्य कर्मियों ने मांगें पूरी न होने पर स्वतंत्रता दिवस के बाद हड़ताल की चेतावनी दी (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. गैर-राजपत्रित कर्मचारियों ने 2.5 दिन के वेतन भत्ते की मांग की।

    2. स्वतंत्रता दिवस के बाद पूरे जम्मू-कश्मीर में हड़ताल की चेतावनी।

    3. सरकार पर आश्वासनों के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप।

    राज्य ब्यूरो, जम्मू. जम्मू में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के गैर राजपत्रित कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगर 2.5 दिन के वेतन के बराबर दिए जाने वाले भत्ते को फिर से शुरू नहीं किया तो स्वतंत्रता दिवस के बाद वे हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार आश्वासनों के अतिरिक्त सरकार ने कुछ भी नहीं दिया।

    जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले वीरवार को गांधीनगर अस्पताल में बैठक आयोजित हुई इसमें सभी ब्लाक प्रधान, जिला प्रधान और संबंधित एसोसिएशनों के अध्यक्ष मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त मेडिकल मेडिकल कालेज जम्मू के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

    कर्मचारियों के साथ भेदभाव का आरोप

    मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के अध्यक्ष जसविंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार का गैर राजपत्रित कर्मचारियों के प्रति रवैया भेदभावपूर्ण है। कई महीनों से फेडरेशन लेबोरेटरी स्टाफ, ड्राइवर्स, मल्टी टास्किंग स्टाफ और सेनेटरी स्टाफ को भी ढाई दिन के वेतन के बराबर दिए जाने वाला भत्ता बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

    इन सभी को सरकार ने गलती से मिनिस्ट्रियल स्टाफ में रखा है। उन्होंने कहा कि यह कर्मचारी रविवार और अन्य छुट्टी वाले दिनों में भी डयूटी देते हैं। ऐसे में उनके साथ न्याय होना चाहिए।

    8 महीनों से भत्ता बंद

    मेडिकल कालेज जम्मू की इंप्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण शर्मा ने चेतावनी दी कि अगर अब भी इस मांग को पूरा नहीं किया तो कर्मचारियों के पास आंदोलन के अतिरिक्त कोई भी विकल्प नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि आठ महीनों से इन कर्मचारियों का भत्ता बंद है, लेकिन वे लगातार डयूटी दे रहे हैं।

    स्वास्थ्य संस्थानों में हड़ताल की चेतावनी

    जेके मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के चेयरमैन सुशील सूदन ने कहा कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त सचिव के आश्वासनों के बावजूद यह मुद्दा हल नहीं हो रहा। अभी भी फाइल आयुक्त सचिव के कार्यालय में है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के बाद पूरे जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य संस्थानों में हड़ताल की चेतावनी दी।

    उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और मुख्य सचिव अटल ढुल्लू से इस मामले में हस्तक्षेप करने को कहा। बैठक में महासचिव प्रफुलत सिंह, अनूप कोहली, धीरज शर्मा, नीरज मालांगर, होशियार सिंह रूकवाल, हरपाल सिंह, नीलम कुमारी, ओंकार सिंह, राकेश बख्शी, असलम, मिलन मन्हास मौजूद थे।