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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jammu News: लोगों को 24 घंटे बिजली मुहैया करवाने में नाकाम प्रशासन, सुबह सवेरे बत्‍ती गुल; पानी की भी किल्‍लत

    By surinder rainaEdited By: Himani Sharma
    Updated: Sat, 07 Oct 2023 09:04 AM (IST)

    जम्‍मू कश्‍मीर प्रशासन लोगों को चौबीस घंटे बिजली मुहैया करवाने में नाकाम साबित हो रहा है। स्मार्ट मीटरों वाले इलाकों में चौबीस घंटे बिजली सप्लाई बहाल ...और पढ़ें

    लोगों को 24 घंटे बिजली मुहैया करवाने में नाकाम प्रशासन
    लोगों को 24 घंटे बिजली मुहैया करवाने में नाकाम प्रशासन

    जागरण संवाददाता, जम्मू: लोगों के घरों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाने के बाद भी जम्मू कश्मीर में उपराज्यपाल प्रशासन लोगों को चौबीस घंटे बिजली मुहैया करवाने में नाकाम रहा है। स्मार्ट मीटरों वाले इलाकों में चौबीस घंटे बिजली सप्लाई बहाल रहने का दावा करने के बाद दिन में छह से आठ घंटे अघोषित कटौती ने लोगों की नाक में दम कर दिया। इसका असर लोगों की रोजमर्रा की दिनचर्या पर तो पड़ ही रहा है, शहर में पानी की किल्लत भी हो चुकी है।

    लोगों के घरों तक पहुंच रहा पानी

    बिजली की अघोषित कटौती के चलते लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। कहीं सुबह पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है तो अगर कहीं पानी की सप्लाई हो भी रही है तो सुबह बिजली न होने के कारण लोग पानी भर नहीं पा रहे हैं।

    शहर में अधिकतर इलाके ऐसे हैं जहां पच्चीस पच्चीस वर्ष से पानी की पाइपें ही जलशक्ति विभाग ने नहीं बदली है। उन इलाकों में बिना मोटर के लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंचता है लेकिन सुबह बिजली बंद होने के कारण लोग मोटर लगाकर पानी घर में बने अंडरग्राउंड टैक में भी नहीं भर पा रहे।

    बिजली अधिकारी नहीं कर पा रहे कोई समाधान

    उधर पुराने शहर में अधिकतर घरों में ओवरहेड टैंक नहीं हैं। लोग सीधे पानी की सप्लाई आने के बाद उसे मोटर से अपने घरों की छत्तों पर बनाई टंकियों में भरते है लेकिन अब वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। उधर बिजली निगम के अधिकारी भी लोगों की समस्या का समाधान करने की बजाए अपना रोना रो रहे हैं।

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    उनका कहना है कि बिजली खरीद की देनदारी आगे ही 31000 हजार करोड़ पहुंच गई है। ऐसे में प्रदेश ऐसी स्थिति नहीं है कि वह बजट से अधिक बिजली खरीद इस देनदारी को और बढ़ा दे। प्रदेश की पनबिजली परियोजनाओं में बिजली उत्पादन 40 प्रतिशत कम होने का असर साफ दिखने लगा है।

    अन्य इलाकों में छह घंटे की कटौती

    जम्मू संभाग की बात करें तो अधिकारिक तौर पर यहां स्मार्ट मीटर वाले इलाकों में दिनभर में चार घंटे जबकि अन्य इलाकों में छह घंटे कटौती की जा रही है। परंतु हकीकत यह है कि स्मार्ट मीटर वाले इलाकों में हर दो घंटे बाद बिजली सप्लाई बंद हो रही है। यानी सुबह से शाम तक कटौती बिजली चार से छह घंटे ही बिजली मिल रही है। पसीने निकालने वाली गर्मी के बीच बिजली की घोषित-अघोषित कटौती ने परेशान कर दिया है।

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