यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
J&K प्रशासन को SC का आदेश, सार्वजनिक करें समीक्षा; 2019 में केंद्र द्वारा इंटरनेट पर रोक लगाने के मामले में की गई सुनवाई
जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को इंटरनेट बहाली पर केंद्रीय गृह सचिव के अधीन विशेष समिति के समी ...और पढ़ें

नई दिल्ली, पीटीआई। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन को केंद्र शासित प्रदेश में इंटरनेट बहाली पर केंद्रीय गृह सचिव के अधीन विशेष समिति के समीक्षा आदेशों को प्रकाशित करने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि समीक्षा महज औपचारिकता नहीं हो सकी है। इससे पहले 2020 में भी शीर्ष अदालत ने सख्त लहजे में कहा था कि समीक्षा आदेश अलमारी में रखने के लिए नहीं हैं।
370 हटाए जाने के बाद इंटरनेट पर लगाए थे प्रतिबंध
अदालत 2019 में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद केंद्र सरकार द्वारा इंटरनेट पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी। जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस जेबी पार्डीवाला और जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि समिति का विचार-विमर्श सार्वजनिक नहीं किया जाएगा लेकिन समीक्षा में पारित आदेश प्रकाशित किया जाना जरूरी है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि समीक्षा आदेश आंतरिक तंत्र है, लेकिन इसे प्रकाशित करने में कोई बाधा नहीं है।
याचिकाकर्ता फाउंडेशन फॉर मीडिया प्रोफेशनल्स की ओर से पेश अधिवक्ता शादान फरासत ने कहा कि कभी न कभी इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाए जाने वाले सभी राज्यों ने समीक्षा आदेश प्रकाशित किए, लेकिन यह समझ से परे हैं कि जम्मू-कश्मीर ऐसा क्यों नहीं कर रहा है?