जम्मू में बाढ़ का अलार्म! सड़कें बनीं दरिया, निचले इलाकों में पानी-पानी, तवी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा
जम्मू में पिछले 24 घंटे से जारी भारी बारिश ने शहर की रफ्तार रोक दी है, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं और निचले इलाकों में पानी भर गया। ...और पढ़ें

जम्मू में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त.
HighLights
लगातार बारिश से जम्मू की सड़कें जलमग्न, आवाजाही ठप।
तवी नदी का जलस्तर बढ़ा, निचले इलाकों में बाढ़ का डर।
शहर में यातायात बाधित, बाजार सूने, जनजीवन प्रभावित।
जागरण संवाददाता, जम्मू : आसमान से बरसते पानी ने जम्मू शहर की रफ्तार रोक दी। पिछले 24 घंटे से जारी लगातार बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा हो गया। जगह-जगह सड़कें जलमग्न हो गईं, निचले इलाकों में पानी भर गया और लोगों को अपने ही शहर में आवाजाही के लिए संघर्ष करना पड़ा। खासकर ज्यूल चौक, डोगरा चौक, लास्ट मोड़, ग्रीन बेल्ट पार्क, आइआइआइएम रोड़, कनाल रोड़, कृष्णा नगर, भगवती नगर, तालाब तिल्लो, बन तालाब आदि क्षेत्रों में खासा पानी जमा रहा। कई स्थानों पर हालात ऐसे रहे कि सड़क और नाले के बीच का फर्क तक मिट गया।
सोमवार देर रात से ही बारिश ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया। सुबह लोगों की आंख खुली तो बाहर पानी ही पानी था। नौकरीपेशा लोगों, रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को बारिश के बीच अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ी। कई जगहों पर जलभराव के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया।
दो पहिया वाहनों ने छोड़ा साथ
बारिश के चलते लोगों ने दोपहिया वाहनों से दूरी बनाई और चारपहिया वाहनों का सहारा लिया। इसका असर शहर के यातायात पर साफ दिखाई दिया। कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और दिन के समय जाम जैसी स्थिति पैदा हो गई। यानी बारिश ने जहां सड़कों को तालाब बना दिया, वहीं यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई।
तवी का बढ़ा जलस्तर
मंगलवार को जम्मू में 77.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। ऊपरी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश का सीधा असर नदियों और नालों पर पड़ा। तवी नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। गुज्जर नगर, जोगी गेट, कासिम नगर, जीवन नगर समेत शहर के कई निचले इलाकों में रहने वाले लोग लगातार बदलते हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
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बीते साल बाढ़ ने मचाई थी तवी
पिछले वर्ष बाढ़ ने जम्मू में भारी तबाही मचाई थी। नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा था। उस त्रासदी के जख्म अभी पूरी तरह भरे भी नहीं हैं कि लगातार बारिश ने एक बार फिर पुराने डर को जिंदा कर दिया है। लोग सवाल कर रहे हैं कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो शहर की जलनिकासी व्यवस्था कितनी देर तक इस दबाव को झेल पाएगी।
बाजारों में पसरा सन्नाटा
लगातार बारिश का असर बाजारों पर भी पड़ा। आम दिनों में गुलजार रहने वाले बाजार मंगलवार को सूने नजर आए। लोग केवल जरूरी सामान खरीदने के लिए ही घरों से बाहर निकले। रघुनाथ बाजार, ग्रीन बेल्ट, जम्मू और अन्य प्रमुख बाजारों में खरीदारों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में बेहद कम रही। मौसम विज्ञान केंद्र, श्रीनगर के अनुसार, 22-23 जुलाई को भी जम्मू-कश्मीर में बारिश का दौर जारी रहेगा.