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    जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंचकर रचा इतिहास, CM उमर ने की टीम की तारीफ

    Updated: Thu, 19 Feb 2026 03:27 PM (IST)

    जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई है। उन्होंने सेमीफाइनल में मोहम्मद शमी और आकाश दीप जैसे सितारों ...और पढ़ें

    कैप्शन: जीत के बाद जश्न मनाती टीम (जागरण फोटो)

    कैप्शन: जीत के बाद जश्न मनाती टीम (जागरण फोटो)

    HighLights

    1. जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में जगह बनाई।

    2. सेमीफाइनल में बंगाल को छह विकेट से हराकर इतिहास रचा।

    3. आकिब नबी ने नौ विकेट लेकर टीम को जीत दिलाई।

    जागरण संवाददाता, जम्मू। मोहम्मद शमी और आकाश दीप जैसे भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ियों से सुसज्जित बंगाल की टीम को जम्मू-कश्मीर के धुरंधरों ने उसके ही घरेलू मैदान में छह विकेट से हराकर रणजी ट्राफी के फाइनल में पहुंचकर कीर्तिमान रच दिया है।

    रणजी ट्राफी के 67 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है जब जम्मू-कश्मीर की टीम फाइनल खेलेगी। बंगाल के कल्याणी मैदान पर खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले के नायक बने आकिब नबी, जिन्होंने नौ विकेट लेकर प्रतिद्वंद्वी टीम को घुटनों पर ला दिया। इसके अलावा सुनील कुमार, वंशज शर्मा और अब्दुल समद सहित पूरी टीम लय में दिखी।


    अब जम्मू-कश्मीर का 24 से 28 फरवरी के बीच फाइनल मुकाबला कर्नाटक की टीम से होना लगभग तय है। हालांकि अभी लखनऊ के श्री अटल बिहारी वाजपेयी क्रिकेट स्टेडियम में उत्तराखंड और कर्नाटक के बीच पहला सेमीफाइनल मुकाबला जारी है। इस मुकाबले में कर्नाटक का पलड़ा काफी भारी है। चार दिन का खेल समाप्त हो चुका है और कर्नाटक ने उत्तराखंड के विरुद्ध 802 रन की बढ़त हासिल कर ली है।

    पांच दिवसीय रणजी ट्राफी के सेमीफाइनल मुकाबले के चौथे दिन सुबह नौ बजे जम्मू-कश्मीर की टीम के बल्लेबाज फाइनल में जगह बनाने के इरादे से मैदान में उतरे। मात्र दो घंटे के खेल में ही फाइनल में पहुंचने की 83 रन की दूरी चार विकेट गंवाकर पूरी की ली। जम्मू-कश्मीर ने जीत के लिए निर्धारित 126 रन के विजयी लक्ष्य का पीछा करते हुए 13 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर 43 रन से आगे खेलना शुरू किया।

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    शुभम सिंह पुंडीर 27 रन ही बना पाए

    हालांकि नाबाद 23 रन बनाकर क्रीज पर डटे शुभम सिंह पुंडीर चार अतिरिक्त रन जोड़कर 27 रन ही बना सके, लेकिन दूसरे छोर पर वंशज शर्मा डटे रहे और नाबाद नौ रन से आगे खेलते हुए अंत तक 43 रन बनाकर नाबाद रहे।

    कप्तान पारस कुमार डोगरा ने नौ रन का योगदान दिया, लेकिन आकाश दीप की बाहर जाती गेंद को उनके बल्ले का बाहरी किनारा लगा, जिसे विकेटककीपर शाकिर हबीब ने कैच लपककर बंगाल के लिए फाइनल में पहुंचने की उम्मीद जगाई।

    लेकिन वंशज और अब्दुल समद ने पांचवीं विकेट के लिए मात्र 43 गेंदों में नाबाद 55 रन की साझेदारी निभाकर जम्मू-कश्मीर की टीम को पहली बार फाइनल में पहुंचाया। अब्दुल समद ने विस्फोटक अंदाज में 27 गेंदों में एक चौके और तीन छक्कों की मदद से 30 रन बनाकर नाबाद रहे। बंगाल की ओर से आकाश दीप ने तीन विकेट चटकाए, जबकि शमी ने एक विकेट लिया।

    'अब वो दिन दूर नहीं जब राष्ट्रीय टीम में दिखेंगे खिलाड़ी'

    वहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जीत के पीछे सामूहिक प्रयास की सराहना की और क्षेत्र के लोगों के लिए इसके महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अपने बधाई संदेश में कहा रणजी ट्राफी कोई अकेले नहीं जीता। यह पूरी टीम और सहायक कर्मचारियों की सफलता है। मैं अपनी ओर से और जम्मू-कश्मीर के सभी लोगों की और से उन सभी को बधाई देता हूं। मुझे उम्मीद है कि वह दिन दूर नहीं जब हम जम्मू-कश्मीर के क्रिकेट खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए देखेंगे।