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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jammu Kashmir Snowfall: गुलमर्ग में बर्फबारी में फंसे 61 पर्यटकों को सेना ने निकाला, महिलाएं और बच्चे भी थे शामिल

    By Jagran NewsEdited By: Mohammad Sameer
    Updated: Mon, 18 Dec 2023 03:00 AM (IST)

    जवानों ने पर्यटकों को बैरक में ठहराने के साथ उनके लिए हीटिंग व्यवस्था स्लीपिंग बैग गर्म कपड़ों व भोजन करवाया। सेना की इस त्वरित कार्रवाई से पर्यटकों न ...और पढ़ें

    गुलमर्ग में बर्फबारी में फंसे 61 पर्यटकों सेना ने निकाला (प्रतीकात्मक फोटो)
    गुलमर्ग में बर्फबारी में फंसे 61 पर्यटकों सेना ने निकाला (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. पर्यटक वाहनों में सड़क पर बर्फ के बीच फंस गए थे।
    2. अत्यधिक ठंड इन पर्यटकों के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी।

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। उत्तरी कश्मीर में बारामुला जिले के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में भारी बर्फबारी में फंस गए 61 पर्यटकों को सेना ने बचा लिया। शनिवार को गुलमर्ग में बर्फबारी हुई थी। इससे ठंड भी काफी बढ़ गई थी। इसी दौरान कश्मीर में बर्फबारी का आनंद उठाने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों के ये पर्यटक वाहनों में सड़क पर बर्फ के बीच फंस गए थे।

    सैनिक देवदूत बनकर उन्हें बचाने के लिए पहुंचे

    अत्यधिक ठंड इन पर्यटकों के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी। ऐसे में सेना की चिनार कोर की स्थानीय यूनिट के सैनिक देवदूत बनकर उन्हें बचाने के लिए पहुंच गए। पर्यटकों में महिलाएं व बच्चे भी थे।  सेना के जवानों ने पर्यटकों को निकालकर उन्हें ठंड से बचाने के लिए उन्हें पास स्थित अपने कैंप तक पहुंचाया।

    जवानों ने पर्यटकों को बैरक में ठहराने के साथ उनके लिए हीटिंग व्यवस्था, स्लीपिंग बैग, गर्म कपड़ों व भोजन करवाया। सेना की इस त्वरित कार्रवाई से पर्यटकों ने राहत की सांस ली। मौसम में सुधार के बाद सेना के जवानों ने सुनिश्चित किया कि पर्यटक अपनी मंजिल की ओर रवाना हों।  जम्मू कश्मीर में गुलमर्ग ने बर्फबारी के कारण सफेद चादर ओढ़ ली है। ऐसे में देश-विदेश के पर्यटक पहुंच रहे हैं। बर्फबारी सर्दियों के दिनों में कई मुश्किलें भी लाती है। भारी बर्फबारी से सड़कें बंद हो जाती हैं। इससे पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी दिक्कतें होती हैं।

    पर्यटकों व स्थानीय निवासियों की मदद के लिए सेना हमेशा तैयार रहती है। सेना की स्थानीय बटालियन दिन हो या रात किसी भी वक्त मुसीबत में लोगों की मदद करने के लिए पहुंच जाती हैं।  गत दिनों सेना ने कश्मीर के मंसाबल के बाजीपोरा इलाके में घरों में आग लगने के बाद इस पर काबू पाने में अग्निशमन विभाग की मदद की थी। सेना की इस कार्रवाई से जान-माल का नुकसान रोका गया।

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    इसके साथ दूरदराज इलाकों में लोगों की मदद के लिए मेडिकल कैंप भी लगा रही है। शनिवार को सेना ने कश्मीर के रामहाल व तारतपोरा में एक चिकित्सा शिविर का आयोजन कर लोगों में निशुल्क दवाइयां बांटी थी।

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