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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jammu News: इलेक्टिक बसों से लद्दाख में कम हुआ 25 लाख किलो से ज्यादा कार्बन उत्सर्जन, पढ़िए डिटेल स्टोरी

    By Jagran NewsEdited By: Monu Kumar Jha
    Updated: Sat, 16 Dec 2023 03:09 PM (IST)

    Jammu Latest News इलेक्ट्रिक बसें चलने से लद्दाख की हवा और साफ होने लगी है। लद्दाख की सड़कों पर एक साल में साढ़े 10 लाख किमी दौड़ने वाली 19 इलेक्ट्रिक ...और पढ़ें

    इलेक्टिक बसों से लद्दाख में कम हुआ 25 लाख किलो से ज्यादा कार्बन उत्सर्जन। फाइल फोटो
    इलेक्टिक बसों से लद्दाख में कम हुआ 25 लाख किलो से ज्यादा कार्बन उत्सर्जन। फाइल फोटो

    HighLights

    1. लद्दाख में जी 20 के तहत के दौरान ई-बसों का ही हुआ था इस्तेमाल
    2. कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में हो रहा काम
    3. ई-वाहन खरीदने के लिए सरकार से विशेष प्रोत्साहन
    4. लद्दाख में हर दिन औसतन 1500 यात्रियों को देती हैं सेवाएं

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। इलेक्ट्रिक बसें चलने से लद्दाख की हवा और साफ होने लगी है। लद्दाख की सड़कों पर एक साल में साढ़े 10 लाख किमी दौड़ने वाली 19 इलेक्ट्रिक बसों ने 2520000 कार्बन उत्सर्जन कम किया है।

    लद्दाख को कार्बन न्यूट्रल बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी(PM Narendra Modi) के सपने को साकार करने की दिशा में साकारात्मक परिणाम सामने आने से उत्साहित लद्दाख मोटर विभाग अपने बेड़े में और इलेक्ट्रिक बसें(electric buse) शामिल करने पर गौर कर रहा है।

    ई-बसों में यात्रियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक हीटिंग, वेंटिलेशन की सुविधा 

    पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी साल्यूशंस(PMI Electro Mobility Solutions) की इन ई-बसों से लद्दाख को कार्बन उत्सर्जन (carbon emission) को कम कर लेह व कारगिल को स्मार्ट शहरों के रूप में विकसित करने की दिशा में यह अच्छी पहल है। अत्याधिक ठंडे मौसम को देख ई-बसों में यात्रियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक हीटिंग, वेंटिलेशन सुविधा उपलब्ध है।

    लद्दाख में हर दिन औसतन 1500 यात्रियों को देती हैं सेवाएं 

    लद्दाख मोटर गैराज विभाग लेह के उप निदेशक जुल्फिकार अली का कहना है कि उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ई-बसों के बेड़े को बढ़ाना संभव होगा। लेह व कारगिल में साढ़े 10 लाख किलोमीटर से अधिक दौड़ चुकी ये बसों बिना इंजन के शोर के साथ आरामदायक सफर देती हैं। ये बसें लद्दाख में हर दिन औसतन 1500 यात्रियों को सेवाएं देती हैं।

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    लद्दाख में जी 20 के तहत के दौरान ई-बसों का ही हुआ था इस्तेमाल

    एक आंकलन के कारण से बसें चलाने से क्षेत्र में एक साल में 25,20,000 किलोग्राम कार्बन डाईआक्साइड उत्सर्जन कम करने में सहयोग मिला है। अगले डेढ़ दशक तक जारी रहेगा। जारी वर्ष के आरंभ में लद्दाख में जी 20 के तहत हुए यूथ सम्मेलन के दौरान लद्दाख प्रशासन ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को कार्यक्रम स्थलों तक लाने ले जाने के लिए ई-बसों का ही इस्तेमाल किया था।

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    कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में हो रहा काम 

    विश्व को एक संदेश देने की कोशिश की थी कि प्रशासन लद्दाख में जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में गंभीर है। लद्दाख में इस समय पर्यावरण संरक्षण की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। ऐसे में क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में काम हो रहा है।

    ई-वाहन खरीदने के लिए सरकार से विशेष प्रोत्साहन

    लद्दाख के लोगों को ई-वाहन खरीदने के लिए सरकार से विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। लद्दाख के दूरदराज इलाकों में सौर उर्जा को बढ़ावा देकर डीजल जेनरेटर से बिजली पैदा करने की व्यवस्था को भी खत्म किया जा रहा है।

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