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    जम्मू आरटीओ कार्यालय में 12.97 लाख रुपये के राजस्व घोटाले का पर्दाफाश, क्राइम ब्रांच ने दो के खिलाफ पेश की चार्जशीट

    By Dinesh Mahajan Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Wed, 05 Aug 2026 06:05 PM (IST)

    क्राइम ब्रांच जम्मू ने आरटीओ कार्यालय में 12.97 लाख रुपये के राजस्व घोटाले और फर्जी पीएसवी लाइसेंस मामले में जांच पूरी कर दो आरोपितों के खिलाफ आरोपपत् ...और पढ़ें

    जम्मू आरटीओ में 12.97 लाख का राजस्व घोटाला, फर्जी लाइसेंस मामले में चार्जशीट।

    जम्मू आरटीओ में 12.97 लाख का राजस्व घोटाला, फर्जी लाइसेंस मामले में चार्जशीट

    HighLights

    1. आरटीओ जम्मू में 12.97 लाख रुपये का राजस्व घोटाला।

    2. क्राइम ब्रांच ने दो आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।

    3. फर्जी पीएसवी ड्राइविंग प्रमाणपत्र और टैक्स हेराफेरी का मामला।

    जागरण संवाददाता, जम्मू। क्राइम ब्रांच जम्मू की आर्थिक अपराध शाखा ने आरटीओ जम्मू कार्यालय में सरकारी राजस्व की हेराफेरी और फर्जी दस्तावेजों के सहारे वाहन चालकों को पीएसवी (पब्लिक सर्विस व्हीकल) लाइसेंस में एंडोर्समेंट करवाने के मामले में जांच पूरी कर ली है। जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र अतिरिक्त सत्र जज (भ्रष्टाचार निरोधक), जम्मू की अदालत में पेश किया है।

    मामला आरटीओ जम्मू कार्यालय में बड़े स्तर पर अनियमितताओं की सूचना मिलने के बाद दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि वाहन मालिकों से वसूले गए एकमुश्त टोकन टैक्स की वास्तविक राशि को कैश बुक में कम दर्शाया गया। इस तरह सरकारी खजाने को करीब 12 लाख 97 हजार 40 रुपये का नुकसान पहुंचाने और राशि के गबन का आरोप सामने आया।

    फर्जी पीएसवी ड्राइविंग प्रमाणपत्र तैयार किए

    जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने पीएसवी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए इस्तेमाल किए गए फर्जी ड्राइविंग इंस्टीट्यूट प्रमाणपत्र, जाली दस्तावेज और फर्जी सत्यापन से संबंधित रिकार्ड भी जब्त किए। जांच में पता चला कि शिवम इंस्टीट्यूट आफ ड्राइविंग एंड मेंटेनेंस के प्रबंध निदेशक कुलभूषण शर्मा और राज कुमार की कथित मिलीभगत से फर्जी पीएसवी ड्राइविंग प्रमाणपत्र तैयार किए गए।

    जिन लोगों के नाम पर ये प्रमाणपत्र जारी किए गए थे, उनमें से कई लाभार्थियों ने जांच के दौरान बताया कि उन्होंने संबंधित संस्थान में अनिवार्य प्रशिक्षण लिया ही नहीं था। इसके बावजूद उनके नाम पर प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए। जांच में यह भी सामने आया कि फर्जीवाड़े के साक्ष्य मिटाने के लिए ड्राइविंग संस्थान से संबंधित रिकार्ड को नष्ट किया गया।

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    क्राइम ब्रांच ने जांच के दौरान जब्त दस्तावेजों, गवाहों के बयानों और एफएसएल जम्मू की फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आरोपों की पुष्टि की। इसके बाद जांच पूरी कर आरोपपत्र अदालत में दाखिल कर दिया गया।