जम्मू के बिश्नाह कस्बे में ढांचा गिराने गई JDA टीम और ग्रामीण आमने-सामने, थाना प्रभारी के बीच-बचाव से टला बड़ा बवाल
जम्मू के बिश्नाह में JDA की टीम रिंग रोड के पास अवैध निर्माण तोड़ने पहुंची, लेकिन ग्रामीणों के भारी विरोध के कारण उसे आंशिक कार्रवाई कर लौटना पड़ा। ग् ...और पढ़ें

बिश्नाह में JDA की कार्रवाई पर फूटा लोगों का गुस्सा।
HighLights
JDA टीम बिश्नाह में अवैध निर्माण तोड़ने पहुंची।
ग्रामीणों के भारी विरोध के कारण कार्रवाई अधूरी रही।
पुलिस और तहसीलदार ने ग्रामीणों को शांत कराया।
संवाद सहयोगी, बिश्नाह। बिश्नाह रिंग रोड के साथ वक अवतारा में खेतों में कुछ लोगों ने अपने अपने खेतों में मकान बनाए है, जिसे जम्मू विकास प्राधिकरण (JDA) की टीम बुधवार को पुलिस दल बल के साथ बुलडोजर लेकर तोड़ने पहुंची लेकिन लोगों के भारी विरोध के बीच टीम को आंशिक कार्रवाई करके लौटना पड़ा।
थाना प्रभारी बिश्नाह दीपक ठाकुर तहसीलदार बिश्नाह अंकुश त्रिपाठी पुलिस बल के साथ जेडीए की टीम उन मकानों को तोड़ने के लिए आगे बड़ी जो रिंग रोड के किनारे बनाए गए थे। जेडीए का कहना था कि यह मकान बिना अनुमति के बनाए गए है। इसलिए इन्हें नोटिस थमाया गया था। लोगों ने नियमों का पालन नहीं किया इसलिए इनको तोड़ा जाएगा।
इस पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जेडीए की इस कार्रवाई को बीच में रोकने का प्रयास किया लेकिन जेडीए की टीम सभी ढांचे तोड़ने पर अड़ी हुई थी जिस पर दोनों तरफ से काफी गहमागहमी हुई लेकिन मौके पर मौजूद थाना प्रभारी ने बीच बचाव करते हुए कोई बड़ा झगड़ा होने से रोक लिया। इस कार्रवाई का विरोध करते हुए पंचायत के पूर्व सरपंच सुरजीत सिंह नेता ने कहा कि पिछले दो वर्षों से लगातार इन इमारतों का निर्माण कार्य चल रहा है।
अगर मकान गिराए तो परिणाम गंभीर होंगे
JDA की टीम आती है मुट्ठी गर्म करती है और चली जाती है। तब उन्हें नहीं दिखता लेकिन जब इन मकानों का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने वाला होता है, तब जाकर इमोशनल ब्लैकमेल करते हैं डराते है, कोई बड़ी मांग करते हैं नहीं तो हम आपका आशियाना गिरा देंगे, लोग डरते है और यह लोग उसका फायदा उठाते है। उन्होंने कहा कि हम ऐसा हरगिज नहीं होने देंगे, अगर बुलडोजर ने मकान की तरफ अपना रुख किया तो जहां परिणाम बड़े भयानक होंगे फिर उसकी जिम्मेदार प्रशासनिक टीम होगी।
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उन्होंने कहा कि आखिर क्यों नहीं इनको पिछले दो सालों से जो निर्माण कार्य हो रहे थे लेकिन जेडीए की चार टीमें बिश्नाह में डेरा जमाए हुए हैं। लेकिन उनका काम है शुरू में ही कम रुकवाना। वही सोनू प्रधान ने कहा कि एक इमारत तो गौशाला की है प्रशासन पहले उसे कई बार देख चुका है लेकिन दूसरी जो है वह पिछले तीन सालों से उसका निर्माण कार्य चल रहा है और लोग जहां पर आकर देख भी चुके हैं लेकिन अब न जाने कौन सा बदला लेने के लिए जेडीए की टीम लोगों को बेघर कर रहे हैं और बिना नोटिस दिए ही बुलडोजर लेकर और 100 के करीब पुलिस कर्मियों को लेकर मौके पर पहुंच गए ।
एक की शटरिंग गिराई है एक की दीवार
उन्होंने कहा कि इसमें दो मकानों को उनके बुलडोजर से क्षतिग्रस्त किया गया है। एक की शटरिंग गिराई है एक की दीवार गिराई गई है, एक का शटर तोड़ा गया है। यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे इसका खामियां जेडीए को भुगतना पड़ेगा। मौके पर मौजूद तहसीलदार इस पर कोई संज्ञान ले, थाना प्रभारी इनको संभाले नहीं तो हम को संभालना मुश्किल हो जाएगा। लगभग दो घंटे चले इस घमासान के बीच जेडीए की टीम को अपनी कार्रवाई अधूरी छोड़कर वहां से निकलना पड़ा।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि कोई मकान बनाने के लिए जेडीए से स्वीकृति लेता है अपनी अर्जी दाखिल करता है तो चार-चार साल वह अर्जी वहां पर पड़ी रहती है जब तक किसी तरह से उनके पास मिलकर ना पहुंचे तब तक कोई फाइल नहीं उठाई जाती और अब यह हमारे आशियाना तोड़ने आ रहे हैं यह हम होने नहीं देंगे।
इसी बीच तहसीलदार बिश्नाह अंकुश त्रिपाठी त्रिपाठी थाना प्रभारी दीपक ठाकुर ने लोगों को समझा बूझकर उनका गुस्सा शांत किया और यह लोग अपने घरों को लौटे। लोगों ने कहा अगर द्वारा ऐसा हुआ तो फिर जो होगा उसका जिम्मेवार प्रशासन होगा।