वाइब्रेंट पंचायत योजना से बदलेगी जम्मू-कश्मीर सीमांत गांवों की तकदीर, इन 5 पंचायतों में खर्च होंगे करोड़ों रुपये
वाइब्रेंट पंचायत योजना के तहत जम्मू-कश्मीर के सीमांत अरनिया क्षेत्र की पांच पंचायतों का विकास होगा। प्रत्येक पंचायत पर पांच करोड़ रुपये, कुल 25 करोड़ ...और पढ़ें

सरहद पर बसे गांवों को मिलेगा शहरों जैसा इंफ्रास्ट्रक्चर और सम्मान।
HighLights
अरनिया की पांच सीमांत पंचायतों का होगा कायाकल्प।
वाइब्रेंट पंचायत योजना के तहत 25 करोड़ रुपये का निवेश।
सामुदायिक भवन, बंकर, खेल मैदान, लाइब्रेरी का निर्माण।
संवाद सहयोगी, बिश्नाह। हमेशा विकास के मामले में पिछड़ी सीमांत पंचायतों की तस्वीर अब वाइब्रेंट पंचायत योजना के तहत बदलने जा रही है। सरकार ने चुनी गई पंचायतों में पांच-पांच करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया है।
पहले चरण में अरनिया बार्डर की पांच पंचायतें इस योजना के अंतर्गत शामिल की गई हैं, जिनमें पंचायत तरेवा, पिंडी चरका कलां, चांगिया, जवोवाल और अला शामिल हैं। इनमें विकास कार्यों के लिए सरकार की ओर से 25 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किए जाएंगे।
इन विकास कार्यों में सामुदायिक भवन, जिसमें अंडर ग्राउंड बंकर, शौचालय, पानी की निकासी, गोलीबारी का अलार्म, बैडमिंटन कोर्ट, वालीबाल ग्राउंड, श्मशान घाट के लिए बैठने के शेड, पंचायत की गलियों और नालियों का निर्माण, बच्चों की पढ़ाई के लिए लाइब्रेरी, चारों ओर लाइटिंग, सोलर पैनल और स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं।
यह योजना बार्डर के लोगों के लिए एक वरदान साबित होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में उनसे सीधे आनलाइन बात की थी और इस योजना की चर्चा की थी। -बलबील कौर, पूर्व सरपंच, तरेवा
यह हमारी खुशकिस्मती है कि केंद्र सरकार और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की बदौलत बार्डर की पंचायतों का कायाकल्प होने जा रहा है। अब हमारी पंचायतें माडल बनेंगी। -डा. रघुवीर सिंह, पूर्व सरपंच, चांगिया पंचायत