अब फल से लेकर पानी तक सबकी होगी जांच, खाद्य सुरक्षा पर विधानसभा सख्त, जम्मू-कश्मीर में जीरो टॉलरेंस नीति लागू
जम्मू-कश्मीर विधानसभा की याचिका समिति ने खाद्य पदार्थों में मिलावट पर सख्त रुख अपनाते हुए जीरो टॉलरेंस नीति लागू करने के निर्देश दिए हैं। ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में खाद्य सुरक्षा पर विधानसभा सख्त जीरो टॉलरेंस नीति लागू। यह फोटो एआई द्वारा बनाई गई है।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर विधानसभा की याचिका समिति ने खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों को जीरो टालरेंस नीति के तहत समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
समिति ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। सोमवार को विधानसभा सचिवालय में समिति की बैठक अध्यक्ष एवं विधायक पीरजादा फारूक अहमद शाह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा दूध, मांस, मछली, सब्जियां, मसाले और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में मिलावट की स्थिति पर प्रस्तुत रिपोर्ट की समीक्षा की गई।
बैठक में समिति के सदस्य मीर मोहम्मद फयाज, शेख अहसान अहमद (परदेसी), जावेद इकबाल और शगुन परिहार भी मौजूद रहे। अध्यक्ष पीरजादा फारूक अहमद शाह ने कहा कि किसी भी नागरिक को मिलावटी भोजन खाने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वित कार्रवाई, नियमित बाजार निरीक्षण, जनजागरूकता अभियान तथा खाद्य कारोबारियों , फूड हैंडलर्स और स्ट्रीट वेंडरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के मेडिकल दुकानों द्वारा एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री पर भी गंभीर चिंता जताई और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही उपभोक्ताओं को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने पर भी जोर दिया।
बहु-विभागीय संयुक्त प्रवर्तन दल गठित किए गए
बैठक में खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त खालिद जहांगीर ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान विभाग ने 21120 निरीक्षण किए और 10444 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए। वहीं वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 5221 निरीक्षण किए जा चुके हैं।
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उन्होंने बताया कि मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन के माध्यम से अब तक 25003 नमूनों की जांच की गई, जिनमें श्री अमरनाथ यात्रा-2026 के दौरान लिए गए 4178 नमूने भी शामिल हैं। खाद्य मिलावट रोकने के लिए जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर बहु-विभागीय संयुक्त प्रवर्तन दल गठित किए गए हैं, जो फल, दूध, खाद्य तेल, घी, शहद और पैकेज्ड पेयजल की विशेष जांच कर रहे हैं।
बैठक में तहसील चडूरा के गांव पोरवारा में लंबरदार की नियुक्ति संबंधी एडीसी बडगाम द्वारा प्रस्तुत अनुपालन रिपोर्ट का भी संज्ञान लिया गया। बैठक में विधानसभा सचिव, एसएमसी आयुक्त, एडीसी श्रीनगर, एडीसी बडगाम तथा खाद्य एवं औषधि नियंत्रण संगठन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।