जम्मू-कश्मीर में बाइक टैक्सी पर लगा ब्रेक, परिवहन विभाग ने एग्रीगेटर सेवाओं पर लगाई तत्काल रोक, जानिए वजह
जम्मू-कश्मीर परिवहन विभाग ने ओला, उबर और रैपिडो जैसी एग्रीगेटर कंपनियों की बाइक टैक्सी सेवाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में बाइक टैक्सी सेवाओं पर लगा पूर्ण प्रतिबंध।
HighLights
जम्मू-कश्मीर में सभी बाइक टैक्सी सेवाओं पर तत्काल रोक।
स्पष्ट नियामक नीति न होने और सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला।
ओला, उबर, रैपिडो जैसी कंपनियों को दोपहिया वाहन हटाने के निर्देश।
जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में तेजी से पॉपुलर हो रही बाइक टैक्सी सेवाओं पर अब पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। जम्मू-कश्मीर परिवहन विभाग ने केंद्र शासित प्रदेश में सभी एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म जैसे ओला, उबर और रैपिडो पर दोपहिया वाहनों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार बाइक टैक्सी के लिए कोई अलग और स्पष्ट नियामक नीति अधिसूचित नहीं कर देती। इस फैसले के बाद जम्मू और श्रीनगर समेत पूरे यूटी में कोई भी कंपनी बाइक टैक्सी सेवा नहीं चला पाएगी।
परिवहन आयुक्त विशेष पाल महाजन द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि विभाग के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ एग्रीगेटर कंपनियां नियमों को दरकिनार करते हुए अपने प्लेटफॉर्म पर दोपहिया वाहनों को जोड़ रही हैं और बाइक टैक्सी सेवाएं शुरू कर रही हैं या शुरू करने की योजना बना रही हैं।
आदेश में कहा गया है कि फिलहाल जम्मू-कश्मीर में बाइक टैक्सी या दोपहिया एग्रीगेटर सेवाओं को अनुमति देने वाली कोई भी सरकारी नीति लागू नहीं है। ऐसे में इन सेवाओं का संचालन पूरी तरह से अनियमित और नियमों के खिलाफ है। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी लाइसेंस धारक एग्रीगेटर कंपनियों को तत्काल इन सेवाओं को बंद करने का निर्देश दिया है।
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विभाग ने क्यों लिया यह सख्त फैसला?
परिवहन विभाग के अनुसार यह कदम जम्मू-कश्मीर मोटर व्हीकल एग्रीगेटर नियम, 2023 के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इस नियम के तहत एक बात बिल्कुल स्पष्ट है - एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म से केवल वही वाहन जुड़ सकते हैं, जिन्हें वाणिज्यिक यानी कमर्शियल उपयोग की वैध अनुमति प्राप्त हो।
अधिकांश दोपहिया वाहन निजी नंबर पर रजिस्टर्ड होते हैं और उनके पास कमर्शियल परमिट नहीं होता। इसके बावजूद उन्हें सवारी ढोने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था, जो मोटर वाहन अधिनियम का सीधा उल्लंघन है।
परिवहन आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि बिना बीमा सुरक्षा, बिना फिटनेस और बिना कमर्शियल लाइसेंस के चल रही बाइक टैक्सी सेवाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकती हैं।
एग्रीगेटर कंपनियों को सख्त चेतावनी
विभाग ने सिर्फ रोक ही नहीं लगाई, बल्कि सभी एग्रीगेटर कंपनियों को सख्त निर्देश भी जारी किए हैं। सभी कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म से पहले से जुड़े सभी दोपहिया वाहनों को तुरंत प्रभाव से हटाना होगा। भविष्य में भी जब तक नई नीति नहीं आती, कोई भी बाइक या स्कूटर प्लेटफॉर्म पर नहीं जोड़ा जा सकेगा।
आदेश का उल्लंघन करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। परिवहन आयुक्त ने कहा कि नियम तोड़ने वाली कंपनियों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और अन्य लागू नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एग्रीगेटर लाइसेंस को निलंबित करना या पूरी तरह से रद्द करना भी शामिल है।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
पिछले कुछ महीनों में जम्मू और श्रीनगर में छात्रों और ऑफिस जाने वाले लोगों के बीच बाइक टैक्सी काफी लोकप्रिय हुई थी। ट्रैफिक जाम में जल्दी निकलने और कैब के मुकाबले सस्ता होने के कारण लोग इसे पसंद कर रहे थे। लेकिन अब इस रोक के बाद लोगों को फिर से ऑटो या कैब पर निर्भर होना पड़ेगा।
हालांकि विभाग का कहना है कि यह रोक अस्थायी है। यह व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा और सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए जरूरी थी। सरकार भविष्य में बाइक टैक्सी के लिए किराया, सुरक्षा मानक, ड्राइवर वेरिफिकेशन और बीमा को लेकर एक अलग पॉलिसी पर विचार कर सकती है। तब तक के लिए जम्मू-कश्मीर की सड़कों पर बाइक टैक्सी नहीं दिखेगी।