जम्मू-कश्मीर: बाढ़ के साथ बह गया लाखों का खजाना, चिनाब के रास्ते पाकिस्तान पहुंचीं कीमती लकड़ियां
चिनाब नदी में आई बाढ़ के कारण लाखों रुपये की कीमती लकड़ी बहकर पाकिस्तान चली गई, जिससे सरकारी राजस्व का भारी नुकसान हुआ है। ...और पढ़ें

चिनाब में आई बाढ़ में बही लाखों की कीमती लकड़ी (जागरण फोटो)
HighLights
बाढ़ में लाखों की कीमती लकड़ी पाकिस्तान बह गई
चिनाब नदी से हर साल होता है भारी राजस्व नुकसान
स्थानीय लोगों ने स्थायी प्रबंधन की मांग की सरकार से
जागरण संवाददाता, जम्मू। चिनाब नदी एक समय में लकड़ी के परिवहन का प्रमुख साधन थी, लेकिन हाल के वर्षों में बाढ़ के कारण यह समस्या बन गई है। वर्तमान में सरकार इस प्राचीन मार्ग को पुनः विकसित करने की योजना बना रही है, लेकिन बाढ़ के दौरान लाखों रुपये की लकड़ी बहकर पाकिस्तान चली जाती है।
हाल ही में आई बाढ़ ने देवदार, चीड़ और अन्य बहुमूल्य लकड़ियों को बहाकर ले जाने का काम किया है। शुरुआत में कुछ युवक इस लकड़ी को किनारे लगाने का प्रयास करते हुए देखे गए, लेकिन जलस्तर बढ़ने के साथ प्रशासन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। अब यह लकड़ी या तो किनारों पर फंसी हुई है या फिर पाकिस्तान की ओर बह रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ के तेज बहाव के कारण बड़ी मात्रा में लकड़ी अखनूर क्षेत्र से आगे बह गई।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि समय पर उचित व्यवस्था की जाती, तो इन लकड़ियों को सुरक्षित निकालकर सरकारी राजस्व में वृद्धि की जा सकती थी। उन्होंने वन विभाग और प्रशासन से अपील की है कि दरिया किनारे फंसी लकड़ियों की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए।
हर वर्ष बाढ़ के दौरान बहुमूल्य लकड़ी चिनाब के रास्ते बह जाती है, लेकिन इसके संरक्षण के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती। नागरिकों ने सरकार से अनुरोध किया है कि भविष्य में चिनाब नदी में बाढ़ के दौरान बहकर आने वाली लकड़ी को सुरक्षित एकत्र करने के लिए विशेष तंत्र विकसित किया जाए, जिससे सरकारी नुकसान रोका जा सके और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।