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    जम्मू-कश्मीर सरकार का डिजिटल मास्टरस्ट्रोक, एक क्लिक पर मिलेगा हर विभाग का डेटा, बनेगी डेटा स्ट्रेटेजी यूनिट

    By Vivek Singh Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Tue, 28 Jul 2026 11:53 AM (IST)

    जम्मू-कश्मीर सरकार ने प्रशासन को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए सभी प्रशासनिक विभागों में डेटा स्ट्रेटेजी यूनिट (DSU) के गठन को मंजूरी दी है। ...और पढ़ें

    जम्मू-कश्मीर में डेटा स्ट्रेटेजी यूनिट से बढ़ेगी पारदर्शिता और डिजिटल प्रशासन।

    जम्मू-कश्मीर में डेटा स्ट्रेटेजी यूनिट से बढ़ेगी पारदर्शिता और डिजिटल प्रशासन

    HighLights

    1. सभी विभागों में डेटा स्ट्रेटेजी यूनिट (DSU) के गठन को मंजूरी।

    2. प्रशासन को पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम।

    3. अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा।

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर सरकार ने प्रशासन को ज्यादा पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने विभिन्न विभागों के बीच डेटा के प्रभावी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और मजबूत डेटा गवर्नेंस व्यवस्था स्थापित करने के लिए सभी प्रशासनिक विभागों में डेटा स्ट्रेटेजी यूनिट (Data Strategy Unit) के गठन को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में आदेश सोमवार को सामान्य प्रशासनिक विभाग (GAD) की ओर से जारी किया गया।

    सरकारी आदेश के अनुसार, हर विभाग में गठित होने वाली डेटा स्ट्रेटेजी यूनिट की अध्यक्षता संबंधित प्रशासनिक सचिव करेंगे। यूनिट में योजना इकाई के प्रमुख, लेखा इकाई के प्रमुख, विशेष सचिव / अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के तकनीकी प्रतिनिधि या आईटी क्षेत्र के अधिकारी सदस्य के तौर पर शामिल होंगे।

    सरकार ने प्रत्येक विभाग की योजना इकाई के प्रमुख को मुख्य डेटा अधिकारी (Chief Data Officer) नामित किया है। वहीं, इस पूरी व्यवस्था के लिए जम्मू-कश्मीर अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय को नोडल एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    क्या करेगी डेटा स्ट्रेटेजी यूनिट?

    आदेश के मुताबिक, डेटा स्ट्रेटेजी यूनिट अपने-अपने विभाग के डेटा बिंदुओं और डेटा सेट की पहचान करेगी। यूनिट उनका नियमित रूप से अद्यतन सुनिश्चित करेगी, साथ ही मेटाडेटा तैयार कर डेटा की गुणवत्ता बनाए रखेगी।

    इसके अलावा विभागों के बीच डेटा इंटरऑपरेबिलिटी और निर्धारित डेटा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना भी यूनिट की जिम्मेदारी होगी। यूनिट डेटा गवर्नेंस, डेटा प्रबंधन व इंटरऑपरेबिलिटी से जुड़े मामलों में नोडल एजेंसी के साथ समन्वय करेगी और केंद्र सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय व अन्य मंत्रालयों के दिशा-निर्देशों को भी लागू करेगी।

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    मुख्य डेटा अधिकारी की भूमिका

    मुख्य डेटा अधिकारी विभागीय मेटा शीट्स की शुद्धता और प्रामाणिकता की जांच करेंगे। वे स्वीकृत डेटा गवर्नेंस फ्रेमवर्क, मानकों और प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे और विभागीय डेटा साझा करने की अनुमति और निगरानी करेंगे। इसके साथ ही डेटा की गोपनीयता, सुरक्षा व निजता से जुड़े सभी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना, यूनिट की नियमित बैठकें आयोजित करना और डेटा हार्मोनाइजेशन के सुचारू क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी के साथ समन्वय करना भी उनकी जिम्मेदारी होगी।

    नोडल एजेंसी की जिम्मेदारियां

    अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, जम्मू-कश्मीर में डेटा हार्मोनाइजेशन के लिए एक समर्पित सेल स्थापित करेगा। निदेशालय डेटा हार्मोनाइजेशन व मेटाडेटा प्रबंधन के मानक विकसित करेगा और राज्य डेटा कैटलॉग तैयार व संचालित करेगा।

    विभिन्न विभागों में डेटा की गुणवत्ता का आकलन व सुधार, डेटा हार्मोनाइजेशन पोर्टल विकसित करना, विभागों के बीच डेटा साझा करने, इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ावा देना, प्रशासनिक विभागों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करना और डेटा गवर्नेंस से संबंधित प्रशिक्षण व जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना भी नोडल एजेंसी की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होगा।