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    वादे 1.63 लाख करोड़ के, धरातल पर 15 हजार करोड़, जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी खत्म करने का लक्ष्य अभी भी बहुत दूर

    By Satnam Singh Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Wed, 05 Aug 2026 07:05 AM (IST)

    जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद 1.63 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों के मुकाबले केवल 15 हजार करोड़ का वास्तविक निवेश हुआ है। ...और पढ़ें

    जम्मू-कश्मीर में निवेश के वादे और हकीकत, बेरोजगारी मिटाने की चुनौती बरकरार।

    जम्मू-कश्मीर में निवेश के वादे और हकीकत, बेरोजगारी मिटाने की चुनौती बरकरार

    HighLights

    1. 1.63 लाख करोड़ के प्रस्ताव, वास्तविक निवेश केवल 15 हजार करोड़।

    2. चार वर्षों में 14948 करोड़ निवेश, 64515 लोगों को रोजगार।

    3. सिंगल विंडो सिस्टम से 8.77 लाख आवेदन निपटाए, 79% स्वीकृत।

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए अथक प्रयास किए, प्रयास अभी भी जारी है मगर निवेश के प्रस्ताव की तुलना में सही मायनों में निवेश काफी कम हुआ है। जम्मू कश्मीर में बेरोजगारी एक मुख्य समस्या है। जम्मू कश्मीर में रोजगार के अवसर जुटाने के लिए हमेशा से ही निजी क्षेत्र को बढ़ावा दिए जाने के प्रयास किए जाते रहे हैं।

    पांच अगस्त 2019 के बाद से लेकर अब तक भले ही 1.63 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के प्रस्ताव जम्मू कश्मीर को मिले है लेकिन निवेश करीब पंद्रह हजार करोड़ के करीब हुआ है। लक्ष्य अभी दूर है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जम्मू-कश्मीर सरकार ने पिछले चार वर्षों में औद्योगिक क्षेत्र में 14948 करोड़ का निजी निवेश आकर्षित किया है जिससे 64515 लोगों को रोजगार मिला है।

    आंकड़ों में निवेश, जमीन पर बेरोजगारी

    जानकारी के अनुसार वर्ष 2022-23 से अब तक केंद्र शासित प्रदेश में कुल 1452 नए औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हुई है। वर्ष 2022-23 में 629 औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं, जिनमें 2153.45 करोड़ का निवेश हुआ और 15719 लोगों को रोजगार मिला। वर्ष 2023-24 में 234 इकाइयों में 3389.37 करोड़ का निवेश आया, जिससे 29969 लोगों को रोजगार मिला। वहीं 2024-25 में 405 इकाइयों में 4145.59 करोड़ का निवेश हुआ और 11396 लोगों को रोजगार मिला।

    वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक 184 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं, जिनमें 5260 करोड़ का निवेश आया और 7431 लोगों को रोजगार मिला। सरकार ने जम्मू-कश्मीर में निजी निवेश बढ़ाने के लिए कई नीतियां और योजनाएं लागू की हैं। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग नई केंद्रीय क्षेत्र योजना -2021, जम्मू-कश्मीर औद्योगिक नीति 2021-30, औद्योगिक भूमि आवंटन नीति 2021-30, निजी औद्योगिक एस्टेट विकास नीति 2021-30 तथा औद्योगिक क्षेत्र में विदेशी निवेश प्रोत्साहन नीति-2022 को लागू कर रहा है।

    खबरें और भी

    भारत सरकार द्वारा अधिसूचित नई केंद्रीय क्षेत्र योजना-2021 योजना 1 अप्रैल 2021 से 30 सितंबर 2024 तक लागू रही, जिसका उद्देश्य नए निवेश को बढ़ावा देना था। इसके तहत 10 किलोवाट से 2000 किलोवाट तक के डीजी सेट की खरीद एवं स्थापना पर 100 प्रतिशत सब्सिडी, ऑटोमेशन, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और हरित पहल के लिए भी सहायता प्रदान की जा रही है।

    औद्योगिक निवेश को फिर गति देने की कोशिशें शुरू

    मौजूदा औद्योगिक इकाइयों को टर्नओवर आधारित प्रोत्साहन, गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करने पर सब्सिडी तथा विस्तार करने वाली इकाइयों को स्टांप शुल्क और न्यायालय शुल्क में छूट जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं। नए औद्योगिक एस्टेट भी विकसित किए जा रहे हैं।जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2021 में घोषित न्यू सेंट्रल सेक्टर स्कीम का लाभ समाप्त होने के बाद से प्रदेश में थमे औद्योगिक निवेश को फिर गति देने की कोशिशें शुरू हो गई है।

    स्कीम के तहत केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में निवेश करने वालों को वित्तीय लाभ देने के लिए 28 हजार 400 करोड़ रुपये का पैकेज दिया था और इस पैकेज के तहत प्रदेश में करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव आए। सितंबर 2024 में वित्तीय पैकेज का लाभ आवंटित होने के साथ ही इस स्कीम को बंद कर दिया गया जिसके बाद से नया निवेश थम गया।

    इस निवेश को जारी रखने के लिए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 28,400 करोड़ रुपये के पैकेज को बढ़ाकर 75 हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था लेकिन पिछले साल के बजट में केंद्र सरकार की ओर से इस पर कोई घोषणा नहीं की गई। प्रदेश में निवेश के 8306 आवेदन लंबित है ।उद्योग और वाणिज्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अभी भी विभाग के पास 1.63 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव के साथ 8306 आवेदन लंबित पड़े हैं जो केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक पैकेज मिलने के इंतजार में है।

    जेके सिंगल विंडो सिस्टम से 8.77 लाख आवेदन निपटे

    जम्मू-कश्मीर सरकार का सिंगल विंडो सिस्टम प्रदेश में सरल बिजनेस प्रक्रिया को बढ़ावा देने में प्रभावी साबित हो रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 3 अगस्त 2026 तक इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर 877561 आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है, जिनमें से 692239 आवेदनों को मंजूरी दी गई है। यह लगभग 79 प्रतिशत की स्वीकृति दर दर्शाता है। 7 फरवरी 2022 को शुरू किए गए जम्मू-कश्मीर सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम के साथ जुड़ने वाला जम्मू-कश्मीर देश का पहला केंद्र शासित प्रदेश बना था।