जम्मू-कश्मीर में AI से बदलेगा शासन का तरीका, IIT जम्मू में एआइ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आईआईटी जम्मू में जम्मू-कश्मीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ किया। ...और पढ़ें
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जम्मू-कश्मीर में AI से बदलेगा शासन का तरीका (File Photo)
HighLights
आईआईटी जम्मू में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ।
प्रोजेक्ट फीनिक्स से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा डिजिटल बाजार।
एआई से शासन, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि में सुधार।
जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में तकनीक आधारित शासन, नवाचार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण पहल हुई।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आइआइटी जम्मू में जम्मू-कश्मीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर आफ एक्सीलेंस का शुभारंभ किया। इसके साथ ही स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने वाले डिजिटल कामर्स प्लेटफार्म प्रोजेक्ट फीनिक्स को भी जनता को समर्पित किया गया।कार्यक्रम में आइआइटी जम्मू के निदेशक प्रो. मनोज सिंह गौर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रशासनिक सचिव सौरभ भगत समेत अन्य अधिकारी, शिक्षाविद और हितधारक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अंतिम उद्देश्य आम लोगों के जीवन में बेहतर परिणाम लाना होना चाहिए। आइआइटी जम्मू में स्थापित एआइ सेंटर शासन और सार्वजनिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनाने में मदद करेगा। वहीं, प्रोजेक्ट फीनिक्स के माध्यम से कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप और एमएसएमइ को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
शिक्षा से स्वास्थ्य तक एआई का इस्तेमाल
एआइ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना केंद्रीय इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और जम्मू-कश्मीर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से की गई है। यह केंद्र एआई अनुसंधान, तकनीकी समाधान के मूल्यांकन, बेंचमार्किंग और विभिन्न क्षेत्रों में एआई आधारित समाधानों को लागू करने में सहयोग करेगा।
केंद्र के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बुनियादी ढांचे, आपदा प्रबंधन, शासन और नागरिक सेवाओं से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए एआई आधारित तकनीक विकसित करने पर काम होगा। इसके लिए सरकारी विभागों के साथ शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप और उद्योगों को जोड़ा जाएगा।
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स्थानीय उत्पादों को मिलेगा डिजिटल बाजार
प्रोजेक्ट फीनिक्स जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, सहकारी समितियों, स्टार्टअप, ब्रांड और एमएसमइ को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है।
प्लेटफार्म पर डिजिटल पंजीकरण, उत्पाद की सूची और बाजार तक पहुंच को आसान बनाया जाएगा।भविष्य में इसमें बहुभाषी इंटरफेस, स्मार्ट सर्च, आटोमैटिक कैटलागिंग, अनुवाद, ग्राहक सहायता और बिजनेस एनालिटिक्स जैसी एआई सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।