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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Sonam Wangchuk के बॉर्डर मार्च से पहले लेह में लगी धारा 144, दूरसंचार सेवाएं बंद; इंटरनेट को लेकर भी आदेश जारी

    Updated: Sat, 06 Apr 2024 01:47 PM (IST)

    Sonam Wangchuk लेह के उपायुक्त संतोष सुखदेवे ने शुक्रवार को धारा 144 लागू कर लोगों के एकत्र होने धरना और प्रदर्शन करने पर पाबंदी लगा दी। उन्होंने यह फ ...और पढ़ें

    Sonam Wangchuk के बॉर्डर मार्च से पहले लेह में लगी धारा 144, दूरसंचार सेवाएं बंद
    Sonam Wangchuk के बॉर्डर मार्च से पहले लेह में लगी धारा 144, दूरसंचार सेवाएं बंद

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। ladakh news विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के बॉर्डर मार्च से पहले प्रशासन ने लेह जिले में शांति बनाए रखने के लिए धारा 144 लगा दी है। शांति भंग होने की आशंका में प्रशासन ने जिले में दूरसंचार सेवाओं पर भी अस्थायी रोक लगा दी है। इसके अलावा सभी तरह की मोबाइल इंटरनेट की स्पीड घटाकर 2जी करने का आदेश दिया गया है। पब्लिक वाईफाई सेवा को भी अस्थायी तौर पर रोक दिया गया है।

    21 दिन का आमरण अनशन कर चुके हैं सोनम

    वर्तमान में लद्दाख को राज्य दर्जा, संविधान की छठी अनुसूची, अलग राज्य लोकसेवा आयोग और जमीन वर रोजगार के अधिकार को लेकर राजनीति गर्म है। पर्यावरण समेत इन मुद्दों के समर्थन में सोनम वागंचुक लेह में 21 दिन का आमरण अनशन कर चुके हैं। अपने समर्थकों के साथ अब वह सात अप्रैल को बॉर्डर मार्च करने वाले हैं।

    इस स्थिति कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए ही लेह जिले में निषेधाज्ञा लगाई गई है। लेह के उपायुक्त संतोष सुखदेवे ने शुक्रवार को धारा 144 लागू कर लोगों के एकत्र होने, धरना और प्रदर्शन करने पर पाबंदी लगा दी। उन्होंने यह फैसला जिले में शांति में बाधा डालने की सूचनाएं होने की लेह के एसएसपी की रिपोर्ट पर लिया है।

    आदेश के बिना लाउड स्पीकर अलाउ नहीं

    आदेश के तहत जिले में बिना इजाजत के किसी भी वाहन पर लाउड स्पीकर नहीं लगाया जा सकेगा। भड़काऊ बयानबाजी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के आदेश के बाद सोनम वांगचुक ने कहा कि लद्दाख में हमने शांतिपूर्ण 21 दिन अनशन किया।

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    अब हम बॉर्डर मार्च करने की तैयारी में हैं। प्रशासन हमें डराने और धमकाने की कोशिश कर रहा है। ऐसा होने से यह साबित होगा कि भारत अंधेरनगरी बन रहा है। पूरे नहीं हुए वादों को याद दिलाने पर यहां शांति का हवाला देकर कार्रवाई की जा रही है।

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