जैविक प्रदेश बनने की राह पर लद्दाख की बड़ी छलांग, 102 गांवों ने ऑर्गेनिक प्रमाण पत्र हासिल कर रचा इतिहास
लद्दाख में 102 और गांवों को जैविक प्रमाण पत्र मिला, जिससे कुल जैविक गांवों की संख्या 207 हो गई है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने किसानों को बधाई दी ...और पढ़ें

लद्दाख में जैविक खेती की ओर बड़ा कदम 102 गांव हुए प्रमाणित।
HighLights
लद्दाख के 102 गांव जैविक प्रमाणित घोषित किए गए।
कुल 207 गांव अब रासायनिक मुक्त खेती कर रहे हैं।
उपराज्यपाल ने किसानों को टिकाऊ कृषि के लिए सराहा।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। पूरी तरह जैविक (ऑर्गेनिक) केंद्र शासित प्रदेश बनने की ओर अग्रसर लद्दाख के 102 गांव ऑर्गेनिक घोषित हो गए है। अब तक लद्दाख में 207 गांव रसायनिक खादों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगातार पूरी तरह से जैविक हो चुके हैं।
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने लद्दाख के करगिल, द्रास, जंस्कार व शाम शाम क्षेत्रों के 102 गांवों को ऑर्गेनिक प्रमाण पत्र भेंट किया। इन गांवों के किसानों ने रसायनिक खादों व कीटनाशकों का इस्तेमाल करना रोक दिया है। वे खेती के लिए जैविक खादों का इस्तेमाल कर लद्दाख के जैविक प्रदेश बनने के सपने को साकार करने में अहम योगदान दे रहे हैं।
उपराज्यपाल ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स लद्दाख के 102 और गांवों को आर्गेनिक प्रमाणन मिलने की एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने आर्गेनिक प्रमाणन प्राप्त करने वाले किसानों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत लद्दाख में टिकाऊ कृषि परिवर्तन की नई मिसाल कायम कर रही है। आने वाले समय में यह क्षेत्र देश के लिए पूर्णत जैविक कृषि का माडल बनेगा।
अब रासायनिक खाद नहीं, सिर्फ जैविक खाद
उपराज्यपाल ने कहा कि यह पहल लद्दाख के नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करने, मिट्टी, जल संसाधनों के संरक्षण व तथा जलवायु परिवर्तन के अनुकूल कृषि प्रणाली विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि आर्गेनिक वैल्यू चेन को मजबूत बनाकर लद्दाख को देश का आदर्श जैविक केंद्र शासित प्रदेश बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जैविक खेती को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण व मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के विजन के अनुरूप है।
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गांवों को आर्गेनिक प्रमाणन केंद्र सरकार की परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत दिया जाता है। यह प्रमाण राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन के अंतर्गत क्लस्टर आधारित माडल व पार्टिसिपेटरी गारंटी सिस्टम प्रमाणन प्रक्रिया के माध्यम से दिया गया है। इस योजना के तहत किसानों को रसायन-मुक्त खेती अपनाने, जैविक कृषि खादों की उपलब्धता व उत्पादों के विपणन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।