'अयोध्या राष्ट्र की प्रेरणा, भविष्य का मार्गदर्शक है', उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की भगवान राम के आदर्शों की व्याख्या
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 8वें अयोध्या पर्व में कहा कि अयोध्या सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि राष्ट्र की प्रेरणा और भविष्य का मार्गदर्शक है। उन्होंने इसे सभ ...और पढ़ें
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अयोध्या राष्ट्र की प्रेरणा, भविष्य का मार्गदर्शक है: सिन्हा
HighLights
अयोध्या राष्ट्र की प्रेरणा, भविष्य का मार्गदर्शक है: सिन्हा
भगवान राम के आदर्शों को वैश्विक स्तर पर अपनाना आवश्यक
अयोध्या भारत की वैश्विक पहचान, सांस्कृतिक निरंतरता का स्तंभ
राज्य ब्यूरो, जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या को समझना, केवल एक शहर या उसके भूगोल को समझना नहीं, बल्कि स्वयं को समझना है। अयोध्या वर्तमान की जीवंत चेतना और भविष्य का मार्गदर्शक है। यह केवल एक नगर नहीं, हमारी जड़ है और राष्ट्र की प्रेरणा है।
उपराज्यपाल ने भगवान राम के आदर्शों, धर्म, कर्तव्य, त्याग और सत्य को वैश्विक स्तर पर अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन इस बात का प्रमाण है कि सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने वाले अंतत: विजयी होते हैं।
उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित 8वें अयोध्या पर्व में भाग लेते हुए अयोध्या को सभ्यता की जननी और चेतना का शाश्वत स्रोत बताया। यह कार्यक्रम इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फार आर्ट्स में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया।
अपने संबोधन में सिन्हा ने कहा कि अयोध्या हमें आंतरिक चेतना को जागृत करने, नैतिक मूल्यों को अपनाने और जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देती है। अयोध्या हमें सिखाती है कि प्रगति का अर्थ अपनी जड़ों को छोड़ना नहीं है, बल्कि सही दिशा में आगे बढ़ना है। उपराज्यपाल ने कहा कि आज के वैश्विक परिदृश्य में अयोध्या एक मार्गदर्शक के रूप में सामने आती है।
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उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक पहचान, आर्थिक शक्ति और सांस्कृतिक निरंतरता का महत्वपूर्ण स्तंभ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या की सांस्कृतिक शक्ति को पुनर्जीवित किया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि हम अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझें और उन्हें आधुनिक संदर्भ में प्रस्तुत करें, तो हम न केवल सांस्कृतिक रूप से समृद्ध होंगे, बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत बनेंगे। उन्होंने कहा कि एक विचार के रूप में अयोध्या हमें सिखाती है कि शक्ति और संवेदनशीलता साथ-साथ चल सकते हैं, क्योंकि नेतृत्व केवल शासन नहीं, बल्कि सेवा भी है।
उपराज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक मंच पर हमें अयोध्या को एक सभ्यतागत केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहिए, जहां मानवता ने पहली बार प्रकृति को केवल संसाधन नहीं, बल्कि एक जीवित शक्ति के रूप में देखा। इस अवसर पर कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें दिया कुमारी, सुरेश भैयाजी जोशी, राम बहादुर राय भी मौजूद रहे।