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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jammu Kashmir Politics: अनंतनाग-राजौरी सीट से चुनाव लड़ने पर मियां अल्ताफ ने तोड़ी चुप्पी, खुद को बताया पसंदीदा उम्मीदवार

    By Agency Edited By: Deepak Saxena
    Updated: Mon, 15 Apr 2024 08:17 PM (IST)

    नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार मियां अल्ताफ अहमद ने अपने खराब स्वास्थ्य और लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि ...और पढ़ें

    अनंतनाग-राजौरी सीट से चुनाव लड़ने पर मियां अल्ताफ ने तोड़ी चुप्पी (फाइल फोटो)।
    अनंतनाग-राजौरी सीट से चुनाव लड़ने पर मियां अल्ताफ ने तोड़ी चुप्पी (फाइल फोटो)।

    पीटीआई, अनंतनाग। अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार मियां अल्ताफ अहमद ने खराब स्वास्थ्य को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने सोमवार को कहा कि वह आरामदायक स्थिति में हैं क्योंकि वह पीर पंजाल रेंज के दोनों पक्षों के उम्मीदवारों में सबसे पसंदीदा उम्मीदवार हैं।

    मियां अल्ताफ अहमद ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि अनंतनाग-कुलगाम के साथ-साथ राजौरी-पुंछ में भी मैं आरामदायक स्थिति में हूं और मुझे लगता है कि मैं दोनों तरफ स्वीकार्य हूं। मेरा आकलन गलत हो सकता है, लेकिन मुझे लगता है कि यहां चुनाव लड़ रही अन्य पार्टियों की स्वीकार्यता उतनी नहीं है।

    जम्मू और कश्मीर के पुनर्गठन के बाद किए गए परिसीमन में अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट को तत्कालीन दक्षिण कश्मीर निर्वाचन क्षेत्र से अनंतनाग और कुलगाम जिलों और जम्मू लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के राजौरी और पुंछ जिलों को एक साथ जोड़कर बनाया गया है।

    सभी विरोधियों का करता हूं सम्मान- एनसी नेता

    मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के कंगन विधानसभा क्षेत्र से आने वाले नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) नेता ने उन सुझावों को खारिज कर दिया कि चुनाव लड़ने वाला कोई भी उम्मीदवार बाहरी व्यक्ति था। उन्होंने कहा कि मैं अपने सभी विरोधियों का सम्मान करता हूं। गुलाम नबी आजाद यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि वह कोई गलती कर रहे हैं। उन्हें चुनाव लड़ने का अधिकार है। उन्होंने महाराष्ट्र से भी चुनाव लड़ा है। मेरे पिता (मियां बशीर अहमद) ने चुनाव लड़ा था और वो दरहाल (राजौरी) से जीते।

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    अहमद ने दो अन्य लोकसभा सदस्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक पूर्व मुख्यमंत्री (मुफ्ती मोहम्मद सईद), जिनका मैं सम्मान करता हूं, उन्होंने उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ा था, जबकि महबूबा मुफ्ती ने खुद वाची (शोपियां) से चुनाव लड़ा था। मैं इन मुद्दों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। दक्षिण कश्मीर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया लेकिन यहां से नहीं आए।

    अगस्त 2019 के केंद्र के फैसलों को रद्द करने पर होगा ध्यान- अल्ताफ अहमद

    नेकां उम्मीदवार ने कहा कि उनका ध्यान अगस्त 2019 में केंद्र द्वारा अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और एक पूर्ण राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में अपग्रेड करने के फैसले को रद्द करने पर होगा। मैं निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्येक ब्लॉक और तहसील तक पहुंचने की कोशिश करूंगा। मैं लोगों से उनके मुद्दों के बारे में सुनूंगा लेकिन मुख्य ध्यान उन गलतियों को ठीक करने पर होगा जो अगस्त 2019 के बाद हुई थीं। एक पूर्ण राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में तब्दील करने के फैसले को लोगों ने स्वीकार नहीं किया है।

    राजनीतिक अनिश्चितता खत्म होने पर होगा विकास- मियां अल्ताफ अहमद

    मियां अल्ताफ अहमद ने कहा कि विकास के मामले में मैने अपने विधानसभा क्षेत्र (कंगन) में जो किया है, उसे संसद क्षेत्र में दोहराऊंगा। मैंने गरीबों, युवाओं और बेरोजगारों की बात सुनी है, जिसके परिणामस्वरूप लोगों ने समय-समय पर मुझे वोट दिया है। उन्होंने कहा कि लेकिन यह सब तभी संभव है जब राजनीतिक अनिश्चितता खत्म होगी। आप इस अनिश्चितता को लद्दाख और जम्मू में देख सकते हैं जबकि यह कश्मीर में भी है।

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