सावधान! जम्मू-कश्मीर में NEET काउंसलिंग शुरू, कम नंबर में कोई MBBS सीट पक्की का वादा करे तो समझो ठग है
नीट-यूजी 2026 काउंसलिंग शुरू होने पर जम्मू-कश्मीर के अभ्यर्थियों और अभिभावकों को फर्जी काउंसलरों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में नीट काउंसलिंग: फर्जी एजेंटों से सावधान, एमबीबीएस सीट के नाम पर ठगी से बचें।
HighLights
फर्जी काउंसलरों से सतर्क रहने की अपील।
एमबीबीएस प्रवेश केवल मेरिट और ऑनलाइन काउंसलिंग से।
धोखाधड़ी की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।
जागरण संवाददाता, जम्मू। नीट-यूजी 2026 की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही जम्मू-कश्मीर के अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को फर्जी काउंसलरों एवं दलालों से सतर्क रहने की जरूरत है। हर वर्ष काउंसलिंग के दौरान कुछ लोग कम अंकों में सरकारी या निजी मेडिकल कालेज में एमबीबीएस सीट दिलाने, मैनेजमेंट कोटा में पक्का दाखिला कराने अथवा ऊंचे संपर्कों का दावा कर लाखों रुपये की ठगी करने की कोशिश करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल कालेजों में प्रवेश पूरी तरह मेरिट, अभ्यर्थी की वरीयता, आरक्षण नियम और उपलब्ध सीटों के आधार पर आनलाइन काउंसलिंग के जरिए ही होता है। इसमें किसी भी व्यक्ति की सिफारिश या धन के बल पर सीट प्राप्त करना संभव नहीं है।
जम्मू-कश्मीर में 85 प्रतिशत राज्य कोटा की एमबीबीएस सीटों की काउंसलिंग जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेकेबोपी) कराता है, जबकि 15 प्रतिशत अखिल भारतीय कोटा तथा केंद्रीय संस्थानों की सीटों के लिए मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) जिम्मेदार है।
इसी प्रकार अन्य राज्यों में भी संबंधित सरकारी एजेंसियां और मेडिकल विश्वविद्यालय निर्धारित मेरिट सूची के आधार पर ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से कालेज आवंटित करते हैं। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और कंप्यूटर आधारित होती है, जिसमें किसी भी एजेंट या बिचौलिए की कोई भूमिका नहीं होती।
पहले भी सामने आ चुके हैं ठगी के मामले
एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के नाम पर ठगी के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। पिछले वर्ष जम्मू के कई अभिभावकों से मैनेजमेंट कोटा में सीट दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने का मामला उजागर हुआ था। इस मामले में विद्या 360 एजूकेशनल सर्विसेज, चंडीगढ़ के निदेशक पंकज शाह, सह-संस्थापक प्रसून बनर्जी तथा उनकी महिला सहयोगियों के खिलाफ साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। जांच एजेंसियां अभी भी इस मामले की पड़ताल कर रही हैं।
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शिक्षा विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से केवल आधिकारिक पोर्टलों पर ही पंजीकरण करने, किसी भी निजी एजेंट या स्वयंभू काउंसलर के झांसे में न आने और सीट दिलाने के नाम पर किसी को भी धनराशि न देने की अपील की है।
उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति कम अंकों में पक्का एमबीबीएस दाखिला, मैनेजमेंट कोटा में सुनिश्चित सीट या मेरिट से इतर प्रवेश दिलाने का दावा करता है तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित काउंसलिंग प्राधिकरण या पुलिस को दें। अधिकारियों ने दोहराया है कि मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश केवल निर्धारित मेरिट और आधिकारिक काउंसलिंग प्रक्रिया के अनुसार ही दिया जाता है।