जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर, कठुआ में 153.4 मिमी वर्षा; आज भी बारिश के आसार
जम्मू-कश्मीर में तीन दिनों से जारी भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। ...और पढ़ें
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जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर। फोटो जागरण
HighLights
जम्मू-कश्मीर में तीन दिनों से लगातार भारी बारिश जारी।
निचले इलाकों में जलभराव, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा।
नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन ने सतर्क रहने को कहा।
जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में पिछले तीन दिनों से जारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।लगातार हो रही बारिश के कारण तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र, श्रीनगर के अनुसार देर रात से एक बार फिर बारिश शुरू हो सकती है, जिसका सिलसिला वीरवार दोपहर तक जारी रहने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में भारी बारिश हुई।
दर्ज आंकड़ों के अनुसार कठुआ में सर्वाधिक 153.4 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। इसके अलावा सांबा में 133.0 मिमी और ऊधमपुर में 112.6 मिमी वर्षा दर्ज हुई।जम्मू में 109.1 मिमी, कटड़ा में 149.9 मिमी, गुलमर्ग में 90.0 मिमी, पुंछ में 51.0 मिमी, रामबन में 49.0 मिमी, बटोत में 81.7 मिमी, रियासी में 44.2 मिमी और राजौरी में 40.8 मिमी बारिश हुई।
कश्मीर घाटी में पहलगाम में 40.4 मिमी, काजीगुंड में 52.8 मिमी, श्रीनगर में 21.5 मिमी और गुलमर्ग में 90.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वर्षा के चलते नदी नालों का जल स्तर बड़ा हुआ है। चिनाब का खतरे के निशान के आसपास रहा तो तवी के भी दोनों तट दिन भर मिले रहे। जिसके चलते निचले क्षेत्रों में रहने वालों को बाढ़ का खतरा सताता रहा।
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बुधवार को जम्मू का अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से 8.7 डिग्री सेल्सियस कम रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बनिहाल में अधिकतम तापमान 17.2 और न्यूनतम 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कटड़ा में अधिकतम तापमान 22.6 और न्यूनतम 21.0 डिग्री सेल्सियस रहा। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 20.0 और न्यूनतम 17.7 डिग्री सेल्सियस, पहलगाम में अधिकतम 17.6 और न्यूनतम 14.5 डिग्री सेल्सियस तथा गुलमर्ग में अधिकतम 14.8 और न्यूनतम 11.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।