जम्मू में किसानों के लिए आफत बना मौसम, पहले हवा ने गिराई फसल; अब बारिश ने बिगाड़ा खेल
जम्मू में अप्रैल में गेहूं की कटाई शुरू होने से पहले ही बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तैयार फसल भीग गई है, जिससे उत्पादन प ...और पढ़ें

बारिश से गेहूं की फसल पर गहराया संकट (फोटो: जागरण)

समय कम है?
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जागरण टीम, जम्मू/मीरां साहिब। अप्रैल में जहां जम्मू में गेहूं की फसल की कटाई शुरू हो जाती हैं। वहीं, इस बार एक हफ्ते से बारिश हो रही है। इससे तैयार हो चुकी गेहूं की फसल भीग चुकी है। इससे जहां फसल पर संकट गहरा गया है वहीं, किसानों के चेहरों पर भी चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं।
कटाई का काम सबसे पहले सांबा जिले में आरंभ होता है। जिले के विजयपुर व रामगढ़ जैसे कंडी क्षेत्रों में कटाई से पहले ही बिश्नाह, आरएसपुरा और मीरां साहिब व साथ लगते इलाकों में भी कटाई शुरू हो जाती है। मगर, इस बार मौसम के तेवर देखते हुए फसल की कटाई का काम अप्रैल अंत तक ही शुरू होने की संभावना है।
मीरां साहिब के किसानों का कहना है कि उनकी फसल लगभग पक चुकी है, लेकिन कुछ दिनों से हो रही बारिश के चलते फसल को नुकसान हो रहा है। किसान चमन लाल, रमेश कुमार, कुलबीर सिंह और रतन लाल का कहना है कि कुछ दिन पूर्व तेज हवा व बारिश के कारण फसल ढह गई थी।
उन्हें लगा था कि थोड़ी सी धूप निकलने के बाद फसल ठीक हो जाएगी। मगर, मंगलवार सुबह से फिर रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इससे फसल के उत्पादन पर असर पड़ेगा। वह अब भगवान से ज्यादा बारिश न होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
किसान नेता सुभाष दसगोत्रा ने बताया कि मौजूदा समय में खेती किसानों के लिए घाटे का सौदा बनती जा रही है। नुकसान होने के बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं मिलता है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वह परंपरागत खेती से हटकर अन्य प्रकार की व्यापारिक खेती करें। सरकार को भी किसानों को जागरूक करने के लिए कदम उठाने चाहिए।