यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
खत्म होगा दशकों का इंतजार! कश्मीर तक वंदे भारत का ट्रायल सफल, दुनिया के सबसे ऊंचे ब्रिज से गुजरेगी ट्रेन
Vande Bharat to Kashmir पीएम मोदी 19 अप्रैल को कश्मीर तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन करेंगे। जम्मू-कश्मीर में कटड़ा-सांगलदान सेक्शन पर वि ...और पढ़ें

HighLights
- 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी करेंगे उद्घाटन
- कटड़ा-सांगलदान सेक्शन पर वंदे भारत का हुआ सफल ट्रायल
पीटीआई, जम्मू। Train to Kashmir: जम्मू-कश्मीर में कटड़ा-सांगलदान सेक्शन पर विशेष वंदे भारत का ट्रायल किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 19 अप्रैल को इसके उद्घाटन से पहले, मंगलवार को 272 किलोमीटर लंबी उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लाइन (यूएसबीआरएल) के कटड़ा-सांगलदान सेक्शन पर एक विशेष वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल रन सफलतापूर्वक किया गया।
यह रेल लाइन कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती है। अधिकारियों ने कहा कि यह ट्रायल रन चिनाब नदी पर दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के उद्घाटन की अंतिम तैयारियों का हिस्सा है, जो प्रतिष्ठित रेलवे परियोजना के कटरा-सांगलदान सेक्शन में आता है।
पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी
प्रधानमंत्री मोदी जम्मू से कटड़ा होते हुए श्रीनगर (Katra to Srinagar Train) तक वंदे भारत ट्रेन (Vande Bharat Train) को हरी झंडी दिखाएंगे। अधिकारियों ने कहा कि विशेष वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल रन मंगलवार को कटड़ा-सांगलदान सेक्शन पर हुआ। उद्घाटन के हिस्से के रूप में प्रधानमंत्री मोदी के इस पुल पर ट्रेन में यात्रा करने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि बाद में वह कटड़ा से कश्मीर के लिए पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे, जिससे कटड़ा और बारामूला के बीच ट्रेन सेवाओं का संचालन शुरू होगा और कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि ट्रैक के साथ-साथ कटड़ा-सांगलदान सेक्शन में महत्वपूर्ण स्थानों पर और साथ ही कश्मीर तक पूरे ट्रैक पर बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
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उद्घाटन के दिन चलेंगी दो वंदे भारत
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमने पूरी तैयारी कर ली है और अब यह यूएसबीआरएल सेक्शन उद्घाटन और हरी झंडी दिखाने के समारोह के लिए तैयार है।
यह पूरा इलाका कश्मीर के धार्मिक, पर्यटन और कनेक्टिविटी के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है। अधिकारी ने आगे बताया कि उद्घाटन के दिन दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलेंगी - एक श्रीनगर से कटरा और दूसरी कटरा से श्रीनगर।
जानिए चिनाब नदी पर बने पुल की खासियत
रेलवे ने पिछले तीन महीनों में कटड़ा-कश्मीर ट्रैक के विभिन्न खंडों पर आठ परीक्षण किए हैं, जिनमें भारत का पहला केबल-स्टेड रेल पुल, अंजी खाद पुल और कौरी में चेनाब पर प्रतिष्ठित आर्च ब्रिज जैसे प्रमुख मील के पत्थर शामिल हैं - जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सलाल बांध के पास चिनाब नदी पर 1,315 मीटर तक फैले इस पुल की मुख्य मेहराब 467 मीटर लंबी है और यह 266 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा की गति को झेल सकता है। यह पुल एफिल टॉवर से भी ऊंचा है और नदी तल से रेल तल तक कुतुब मीनार से लगभग पांच गुना ऊंचा है। इस इंजीनियरिंग चमत्कार के निर्माण में 28,000 मीट्रिक टन से अधिक स्टील का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने बताया कि इसमें अपनी तरह की पहली केबल क्रेन प्रणाली शुरू की गई जिसका इस्तेमाल 915 मीटर चौड़ी घाटी में सामग्री लाने-ले जाने के लिए किया गया जिसमें दो विशाल केबल कार और 100 मीटर से अधिक ऊंचे खंभे थे। यह पुल USBRL परियोजना का हिस्सा है और यह न केवल भूभाग बल्कि आकांक्षाओं को भी जोड़ता है - कश्मीर घाटी को पूरे भारत से हर मौसम में भरोसेमंद रेल मार्ग से जोड़ता है।
दिसंबर में पूरा हुआ था पुल का काम
रेल मंत्रालय ने दावा किया कि यह नदी तल से 359 मीटर ऊपर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है। कुल 272 किलोमीटर लंबी यूएसबीआरएल परियोजना में से 209 किलोमीटर को चरणों में चालू किया गया था, जिसमें 118 किलोमीटर का काजीगुंड-बारामूला खंड का पहला चरण अक्टूबर 2009 में शुरू हुआ था।
इसके बाद जून 2013 में 18 किलोमीटर बनिहाल-काजीगुंड, जुलाई 2014 में 25 किलोमीटर उधमपुर-कटड़ा और पिछले साल फरवरी में 48.1 किलोमीटर लंबा बनिहाल-संगलदान खंड चालू हुआ था। 46 किलोमीटर लंबे संगलदान-रियासी खंड का काम भी पिछले साल जून में पूरा हो गया था, जिससे रियासी और कटड़ा के बीच 17 किलोमीटर का खंड बच गया, जो आखिरकार दिसंबर 2024 में पूरा हुआ।