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    नई 'लद्दाख खेल नीति-2026' को उपराज्यपाल की मंजूरी, ओलंपिक स्वर्ण विजेताओं को मिलेगा 1 करोड़ का नकद इनाम

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 10:54 AM (IST)

    उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने नई लद्दाख खेल नीति-2026 को मंजूरी दी है, जिसके तहत ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने पर एक करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा। ...और पढ़ें

    नई 'लद्दाख खेल नीति-2026' को उपराज्यपाल की मंजूरी (फाइल फोटो)

    नई 'लद्दाख खेल नीति-2026' को उपराज्यपाल की मंजूरी (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता को एक करोड़ रुपये नकद।

    2. खिलाड़ियों को पदक जीतने पर मासिक छात्रवृत्ति का प्रावधान।

    3. पर्वतारोहियों और पैरा-एथलीटों को भी विशेष प्रोत्साहन।

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। लद्दाख में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने नई लद्दाख खेल नीति-2026 को मंजूरी दी है।

    इस नीति के तहत पहली बार खिलाड़ियों को पदक जीतने की तारीख से मासिक छात्रवृत्ति और एकमुश्त नकद प्रोत्साहन राशि देने का प्रविधान है। यही नहीं ओलपिंक खेलों में स्वर्ण जीतने पर एक करोड़ नकद पुरस्कार देने को मंजूरी मिली है। एडवेंचर स्पोर्ट्स को खेल नीति में शामिल किया है।

    नई खेल नीति प्रतिभा की पहचान, सहयोग और सम्मान के सिद्धांत पर आधारित है। इसे दो महीने तक खिलाड़ियों, अभिभावकों और अन्य हितधारकों के साथ चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया।

    हाल ही में खिलाड़ियों और अभिभावकों ने उपराज्यपाल से मिलकर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के खर्च वहन करने में आने वाली आर्थिक कठिनाइयों से अवगत कराया था। उपराज्यपाल ने ऐसी खेल नीति तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को स्वतः आर्थिक सहायता मिल सके।

    पदक जीतते ही शुरू होगी छात्रवृत्ति

    अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, प्रदेश स्तर, राष्ट्रीय स्कूल खेलों और खेलो इंडिया प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वालों को पदक जीतने की तारीख से 12 महीने तक मासिक छात्रवृत्ति मिलेगी। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को पौष्टिक आहार, खेल उपकरण और प्रशिक्षण के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

    मासिक छात्रवृत्ति (12 माह के लिए)

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण विजेता को एक लाख प्रति माह, रजत पदक विजेता को 80 हजार प्रति माह और कांस्य विजेता को 60 हजार प्रति माह मिलेंगे। राष्ट्रीय स्तर (राष्ट्रीय स्कूल खेल सहित) में स्वर्ण पदक विजेता को 75,000 रुपये, रजत पदक विजेता को 50,000 रुपये और कांस्य पदक विजेता को 30,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे।

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    प्रदेश स्तर (स्कूल खेल सहित) में स्वर्ण पदक विजेता को 10,000 रुपये प्रति माह, रजत विजेता को 7,000 और कांस्य पदक विजेता को पांच हजार प्रति माह मिलेंगे। यदि कोई खिलाड़ी आगे चलकर उच्च स्तर पर पदक जीतता है, तो उसकी छात्रवृत्ति स्वतः उच्च श्रेणी में अपग्रेड हो जाएगी। पहले से मिली राशि वापस नहीं ली जाएगी।

    एक करोड़ रुपये तक का नकद पुरस्कार

    मासिक छात्रवृत्ति के अलावा नीति में अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, केंद्र शासित प्रदेश और स्कूल स्तर की मान्यता प्राप्त प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए पांच लाख से लेकर एक करोड़ तक की एकमुश्त नकद प्रोत्साहन राशि का भी प्रविधान है।

    नई नीति के तहत दुनिया में कहीं भी 8,000 मीटर से अधिक ऊंची चोटी सफलतापूर्वक फतह करने वाले लद्दाख के पर्वतारोहियों को 10 लाख का एकमुश्त पुरस्कार दिया जाएगा। पैरालंपिक, पैरा एशियन गेम्स, पैरा कामनवेल्थ गेम्स, राष्ट्रीय पैरा चैंपियनशिप तथा दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित और स्पेशल ओलंपिक खिलाड़ियों के लिए भी विशेष नकद पुरस्कार का प्रविधान किया है।

    पैसे की चिंता न करें

    उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने कहा कि युवा एथलीटों को पैसे की चिंता किए बिना खेल को करियर के तौर पर अपनाना चाहिए। यह नीति लद्दाख में वित्तीय मदद, बेहतर सुविधाएं, वैज्ञानिक कोचिंग और करियर के मौकों के साथ मजबूत खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन के लंबे समय की प्रतिबद्धता को दिखाती है।

    ओलंपिक में स्वर्ण जीतने पर एक करोड़

    नई नीति के तहत ओलपिंक खेलों में स्वर्ण जीतने पर एक करोड़, रजत जीतने पर 75 लाख और कांस्य जीतने पर 50 हजार का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
    -एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर 50 लाख, रजत पदक जीतने पर 30 लाख और कांस्य जीतने पर 25 लाख दिए जाएंगे।
    -राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने पर 25 लाख, रजत पदक जीतने पर 15 लाख और कांस्य पदक जीतने पर 10 लाख दिए जाएंगे। अन्य खेलों में भी पुरस्कार जीतने पर नकद पुरस्का दिए जाने को मंजूरी दी गई है।