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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    वैष्णो देवी कटड़ा में काम-धाम छोड़कर सड़कों पर सैकड़ों लोग, रोपवे प्रोजेक्ट से क्यों मचा बवाल; यहां पढ़ें सब कुछ

    Updated: Thu, 26 Dec 2024 04:26 PM (GMT+05:30)

    श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा में इस समय रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर लोग जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहां के लोगों को डर सता रहा है कि इस परियोजना के बन ...और पढ़ें

    वैष्णो देवी कटड़ा में इस दौरान रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी है (जागरण फोटो)
    वैष्णो देवी कटड़ा में इस दौरान रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी है (जागरण फोटो)

    HighLights

    1. 350 करोड़ की लागत से बन रहा है रोपवे
    2. रोपवे परियोजना से पालकी, घोड़ा, खच्चर वालों की बढ़ी मुसीबत
    3. मौजूदा समय में वैष्णो देवी भवन से लेकर भैरों नाथ मंदिर तक रोपवे की सुविधा है

    डिजिटल डेस्क, रियासी। Vaishno devi katra strike: श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा में इस समय जमकर विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। वजह- रोपवे प्रोजेक्ट का विरोध। बीते मंगलवार श्री माता वैष्णो देवी समिति के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने कटड़ा में विरोध किया। विरोध इतना बढ़ा की पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया।

    वैष्णो देवी भवन से लेकर भैरों नाथ मंदिर तक रोपवे की सुविधा है। इस परियोजना से लाखों लोगों को भैरों नाथ मंदिर की कठिन चढ़ाई से राहत मिलती है। ऐसे में सवाल यह है कि अब जब श्राइन बोर्ड पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की चढ़ाई से जुड़ी यह समस्या खत्म करना चाहता है तो दिक्कत क्या?

    इस परियोजना से स्थानीय लोग क्यों इतने मुखर हो रहे हैं और क्यों इसका इतना विरोध कर रहे हैं। आइए, इस आर्टिकल के माध्यम से विरोध की वजह और वैष्णो देवी रोपवे प्रोजेक्ट से जुड़ा पूरा विवाद समझते हैं।

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    350 करोड़ की लागत से बन रहा प्रोजेक्ट

    दरअसल, माता वैष्णो देवी भवन के ताराकोट मार्ग से लेकर सांझीछत तक श्राइन बोर्ड रोपवे परियोजना की शुरुआत कर रहा है। कटड़ा से केबल कार की सुविधा आगामी वर्ष 2027 में मिलने की संभावना है। श्राइन बोर्ड ने आगामी तीन वर्ष का लक्ष्य रखा है। खास बात है कि इस परियोजना से 13 किलोमीटर मार्ग की ऊंची चढ़ाई श्रद्धालुओं के लिए राहत का काम करेगी। यह प्रोजेक्ट 350 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा है। 

    परियोजना का क्यों हो रहा विरोध

    जैसी ही श्राइन बोर्ड ने इस प्रोजेक्ट की घोषणा की, वैसी ही वहां के स्थानीय लोग इस परियोजना का विरोध करने लगे। श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति का कहना है कि यात्रा मार्ग पर तकरीबन 10 हजार घोड़े, पिट्ठू और पालकी वाले काम करते हैं। वहीं, रास्ते भर में 2500 छोटी-मोटी दुकानें भी हैं।

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    ऐसे में अगर यह प्रोजेक्ट बनाया जाता है तो वहां के लोगों के बेरोजगार होने की आशंका है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि श्राइन बोर्ड श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहा है। क्योंकि इस प्रोजेक्ट के बनने के बाद केबल कार से जाने वाले यात्री बाणगंगा, चरण पादूका और अर्धकुंवारी के दर्शन नहीं कर पाएंगे। हालांकि, श्राइन बोर्ड का कहना है कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य बीमार-बुजुर्ग श्रद्धालुओं की मदद करना है।

    बार-बार हो रही हड़ताल

    वैष्णो देवी भवन पर सैकड़ों लोग विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। श्राइन बोर्ड से जब किसी तरह की बात नहीं बनी तो बीते सोमवार श्री मात वैष्णो देवी संघर्ष समिति द्वारा कटड़ा बंद का आह्वान किया गया।

    इस दौरान बीते मंगलवार माता वैष्णो देवी मंदिर के आधार शिविर कटड़ा में विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में भी लिया। समिति के नेता भूपिंदर सिंह और सोहन चंद के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने शहर में विरोध मार्च निकाला। उन्होंने श्राइन बोर्ड और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और उन पर अड़ियल रवैया अपनाने का आरोप लगाया। 

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