अमरनाथ यात्रियों पर मौसम की मार, जम्मू-पहलगाम से यात्रा स्थगित; मुख्य सचिव ने की सुरक्षा समीक्षा
खराब मौसम के कारण जम्मू और पहलगाम से अमरनाथ यात्रा स्थगित रही, जबकि बालटाल से जारी रही और अब तक 3.91 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। ...और पढ़ें
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जम्मू-पहलगाम से अमरनाथ यात्रा स्थगित। फाइल फोटो
HighLights
जम्मू व पहलगाम से यात्रा खराब मौसम के कारण स्थगित रही।
बालटाल से यात्रा जारी, 3.91 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
मुख्य सचिव ने यात्रा सुरक्षा और सुविधाओं की उच्च-स्तरीय समीक्षा की।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। खराब मौसम के कारण आज सोमवार को जम्मू से बाबा अमरनाथ यात्रा के जत्थे को पहलगाम व बालटाल के लिए रवाना नहीं किया गया। जम्मू से यात्रा को रवाना न करने का दूसरा दिन था। अलबत्ता बालटाल से यात्रा को रवाना किया गया। पहलगाम से यात्रा रवाना नहीं की गई है।
बालटाल में दिन में रुक रुक कर बारिश होती रही। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह बना हुआ है। यात्रा के 18वें दिन आज सोमवार को 6042 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के दर्शन किए। अब तक यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संंख्या 3,91,851 पहुंच गई है।
पिछले साल इसी अवधि के दाैरान 303984 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। यात्रा चार लाख के करीब पहुंच गई है। तीन जुलाई से शुरू हुई यात्रा के लिए पहले 17 दिनों में 385809 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं। पिछले साल यह संख्या 287098 थी।
पिछले साल के मुकाबले इस बार यात्रा को लेकर अधिक उत्साह नजर आ रहा है। जम्मू के यात्री निवास में भी आठ हजार के करीब श्रद्धालुओं ने डेरा डाला हुआ है। अभी भी बढ़ी संख्या में श्रद्धालु बालटाल व पहलगाम पहुंच रहे हैं। प्रशासन व श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड मौसम पर नजर रखे हुए हैं। यात्रा की सुरक्षा को लेकर पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
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मुख्य सचिव ने बाबा अमरनाथ यात्रा की समीक्षा की
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने सोमवार को श्री अमरनाथ जी यात्रा के दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों द्वारा यात्रा मार्ग, बेस कैंपों और ट्रांजिट कैंपों में बेहतर सुविधाएं के लिए दी गई सिफारिशों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
उन्होंने संबंधित विभागों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और यात्रा प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए सभी आवश्यक उपाय समयबद्ध ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रशासन, श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड तथा सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
इनमें विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव, पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारी, बीआरओ-बीकन, विभागाध्यक्ष, कश्मीर संभागीय आयुक्त, संबंधित जिलों के उपायुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सूचना निदेशक सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
समय-सीमा की जानकारी दी
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. मंदीप भंडारी द्वारा प्रस्तुत पुलिस टीमों की रिपोर्ट में शामिल सिफारिशों और टिप्पणियों की विस्तृत समीक्षा की। संबंधित प्रशासनिक सचिवों और उपायुक्तों ने प्रत्येक सिफारिश पर अब तक हुई प्रगति, उठाए गए कदमों तथा शेष कार्यों को पूरा करने की समय-सीमा की जानकारी दी।
सिफारिशों में यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव शामिल थे। इनमें बेस और ट्रांजिट कैंपों में आवास एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं का उन्नयन, स्वच्छता और सफाई व्यवस्था में सुधार, अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करना, टेंटों की वाटरप्रूफिंग तथा बिजली और पानी की बैकअप व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है।
किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके
बैठक में सामुदायिक रसोई (लंगर), शौचालयों और स्नानघरों में स्वच्छता बनाए रखने, जल निकासी व्यवस्था में सुधार तथा टेंटों और कैंपों में सुरक्षित विद्युत वायरिंग सुनिश्चित करने के उपायों की भी समीक्षा की गई, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
इसके अलावा प्रमुख स्थानों पर कतार प्रबंधन को बेहतर बनाने, भीड़-भाड़ रोकने, यातायात व्यवस्था को सुचारु करने, पार्किंग सुविधाओं का विस्तार करने तथा यात्रा मार्ग के संवेदनशील हिस्सों में अतिरिक्त वर्षा आश्रय (रेन शेल्टर) बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को प्रत्येक सिफारिश का गंभीरता से परीक्षण कर उसके शीघ्र क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यात्रा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए हर संभव कदम उठाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षित, सुगम और परेशानी मुक्त सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने, चिन्हित कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा चल रही यात्रा के दौरान सामने आने वाली किसी भी कमी को तुरंत दूर करने के निर्देश भी दिए, ताकि अगली यात्रा से पहले सभी आवश्यक सुधार पूरे किए जा सकें।