यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Women Reservation Bill: जम्मू-कश्मीर की सियासत में लहराएगा महिलाओं का परचम, आरक्षण बिल से मिलेगा ये बड़ा फायदा
Women Reservation Bill जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन से पहले विधानसभा में दो महिलाओं को नामांकित कर महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया जाता था मगर अब महिलाओं को ...और पढ़ें

HighLights
- जम्मू कश्मीर में दो से सीधे तीस तक पहुंच जाएगी महिलाओं की सीटें
- जम्मू कश्मीर इस समय केंद्र शासित प्रदेश है
- यहां विधानसभा चुनाव न होने के कारण विधानसभा नहीं है।
जम्मू, राज्य ब्यूरो। जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन से पहले विधानसभा में दो महिलाओं को नामांकित कर महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया जाता था मगर अब महिलाओं को एक तिहाई प्रतिनिधित्व मिलेगा। जम्मू कश्मीर इस समय केंद्र शासित प्रदेश है और विधानसभा चुनाव न होने के कारण विधानसभा नहीं है।
महिलाओं को मिलेंगी तीस सीटें
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पूर्व जम्मू कश्मीर में विधानसभा में मुख्यमंत्री की सिफारिश पर राज्यपाल दो महिलाओं को नामांकित करते थे। समय समय की सरकारों की कोशिश पूर्व विधानसभा परिषद में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने की होती थी। जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन के बाद विधान परिषद को समाप्त किया जा चुका है। अब जब नई विधानसभा बनेगी और केंद्रीय महिला आरक्षण लागू होगा तो कुल 90 सीटों में महिलाओं को तीस सीटें मिलेगी।
मोदी सरकार महिलाओं को आरक्षण देने के लिए गंभीर
विशेषज्ञों के अनुसार अगर मौजूदा स्वरूप में कानून संसद में पास होता है तो कानूनी अड़चन के कारण यह जम्मू कश्मीर में लागू नहीं होगा। एडवोकेट व कांग्रेस के प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार को मौजूदा स्वरूप में पेश किए गए बिल में संशोधन करना होगा फिर यह जम्मू कश्मीर में लागू होगा।
जब बिल चर्चा में आएगा तो सारी स्थिति साफ होगी। कांग्रेस की पूर्व प्रदेश प्रधान और पूर्व विधायक इंदु पवार ने कहा कि अगर सही मायनों में मोदी सरकार महिलाओं को आरक्षण देने के लिए गंभीर है तो इसे तत्काल लागू करना चाहिए।
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यह कहा जा रहा है कि जनगणना और परिसीमन के बाद इसे लागू किया जाएगा तो यह किसी लालीपाप से कम नहीं है। महिला विधायक के तौर पर जम्मू कश्मीर की पूर्व विधानसभा में नामांकित हुई इंदु पवार ने कहा कि इस बिल को पहले कांग्रेस ने लाया था। नेशनल कांफ्रेंस की वरिष्ठ महिला नेता व पूर्व विधायक रही विमला लुथरा ने कहा कि हम इस बिल का पूरा समर्थन कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कही यह बात
जम्मू कश्मीर में पूर्व मुख्यमंत्री शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने ही महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के लिए दो महिलाओं को विधानसभा के लिए नामांकित करने का फैसला किया था। आज के दौर में महिलाएं किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं। महिलाएं जब सांसद व विधायक बनेगी तो उनको सही मायने में अधिकार मिलेगा। महिलाओं से संबंधित मुद्दों को उठा पाएगी।
भाजपा की वरिष्ठ नेता व जिला प्रधान रेखा महाजन ने कहा कि मोदी सरकार महिलाओं को हक देने जा रहे है। महिलाओं को संसद व विधानसभाओं में आरक्षण देकर मोदी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के रास्ते खोल दिए हैं। प्रधानमंत्री मोदी देश को सही दिशा में आगे ले जा रहे हैं। यह एक ऐतिहासिक फैसला है। इसे महिलाओं की उपलब्धि के रूप में देखा जाना चाहिए।