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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बारिश से सड़क पर गिरा मलबा, बच्चों ने अधिकारियों का इंतजार न कर खुद मलवा उठा बना लिया रास्ता

Published: Thu, 17 Jul 2025 01:42 PM (IST)

बनी में बारिश के कारण संदरून रोड समेत कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। ग्रामीणों और ...और पढ़ें

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग ने मार्ग को साफ करने के लिए मशीन भेजने की बात कही है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग ने मार्ग को साफ करने के लिए मशीन भेजने की बात कही है।

संवाद सहयोगी, जागरण, बनी : संदरून रोड समेत कई स्थानों पर बुधवार को बारिश के दौरान पहाड़ियों से पत्थर गिरने के कारण मार्ग बंद हो गया, जिसके कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई जगहों पर ग्रामीणों व बच्चों ने अधिकारियों का इंतजार किए बिना ही सड़कों पर गिरे मलबे को स्वयं ही हटाकर रास्ता बनाने का कार्य किया, ताकि आने जाने में दिक्कत न हो।

पहाड़ी क्षेत्र में मानसून के दस्तक देने के साथ ही लोगों की परेशानियां बढ़ गई है। हालांकि, अभी बनी क्षेत्र में मूसलधार बारिश नहीं हुई है, लेकिन हल्की बारिश ने ही लोगों की परेशानियां बढ़ा दी है। संदरून के ग्रामीण सुनील कुमार, सूरज प्रकाश, मदनलाल ने बताया कि बुधवार सुबह क्षेत्र में मौसम सामान्य था। रोजाना की तरह सभी अपने-अपने कार्यों के लिए बनी कस्बे पहुंचे।

स्कूली बच्चे भी समय पर अपने-अपने स्कूल पहुंच गए, लेकिन दोपहर बाद जैसे ही लोग अपने कार्यों से लौटने लगे और घरों की राह पकड़ी तो उन्हें संदरून मार्ग पर सडा पट्टी के निकट भारी मात्रा में पत्थर और मलबा गिरा मिला। इसके कारण सड़क पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। आलम यह था कि दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और स्कूली बच्चे, महिलाए और बुजुर्गों को सड़क पर ही रुकना पड़ा।

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परेशान लोगों ने प्रशासन की गैरमौजूदगी को देखते हुए स्वयं ही मलबा हटाने का निर्णय लिया। पास के घरों से बेलचा, फावड़े और अन्य औजार मंगवाए और वाहन चालकों, स्थानीय युवाओं और स्कूली बच्चों ने मिलकर मलबा हटाना शुरू किया। करीब एक घंटे की मेहनत के बाद रास्ते को आंशिक रूप से खोल दिया, जिससे फंसे हुए वाहन दूसरी ओर निकल सके।

इस दृश्य ने एक बार फिर यह साबित कर दिया अधिकारियों का इंतजार न कर स्वयं ही मेहनत कर रास्ता बनाना पड़ेगा। ग्रामीण सूरज प्रकाश ने बताया कि यह कोई पहली बार नहीं है। हर बार बरसात में संदरून मार्ग सहित कई मार्गों पर भूस्खलन होता है, लेकिन समय पर कोई स्थायी समाधान नहीं किया जाता।

विभाग केवल अस्थायी तौर पर मलबा हटवाने की व्यवस्था करता है, लेकिन सुरक्षा दीवारें या मजबूत ढांचे बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाता। उधर, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग की अस्सिटेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर का कहना है मार्ग को साफ करने के लिए मशीन भेजी जाएगी,ताकि रास्ता को पूरी तरह से साफ कर दिया जाए। 

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